अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
गोद भराई, अन्नप्राशन, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता और पोषण प्रदर्शनी ने बढ़ाया आयोजन का आकर्षण
करतला// महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 28 सितंबर 2026 को करतला परियोजना के क्षेत्रीय सेक्टर बेहरचुवां के ग्राम पंचायत बेहरचुवां में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन उत्साह और जनसहभागिता के साथ किया गया। परियोजना अधिकारी श्रीमती रागिनी प्रधान के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों एवं सेवाओं से जोड़ना, महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत बेहरचुवां की सरपंच श्रीमती द्रौपती बाई राठिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, मितानिनों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की।
विभिन्न गतिविधियों से सजा आंगन मिलन कार्यक्रम
आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम को बच्चों, गर्भवती महिलाओं, माताओं और ग्रामीणों की सहभागिता के अनुरूप विभिन्न गतिविधियों से सजाया गया था। कार्यक्रम में गोद भराई एवं अन्नप्राशन संस्कार के साथ रंगोली प्रतियोगिता, बच्चों की ECCE (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) गतिविधियां, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, मातृ संवाद, न्योता भोज तथा पोषण माह प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
गोद भराई कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था में संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा आवश्यक सावधानियों का पालन करने की जानकारी दी गई। वहीं अन्नप्राशन संस्कार के माध्यम से छोटे बच्चों को उम्र के अनुरूप पूरक आहार शुरू करने तथा बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देने के संबंध में अभिभावकों को जागरूक किया गया।
बच्चों के प्रारंभिक विकास पर विशेष जोर
कार्यक्रम में बच्चों के प्रारंभिक विकास और शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित ECCE गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में सीखने, समझने, बोलने, सामाजिक व्यवहार, रचनात्मकता और अन्य प्रारंभिक कौशल विकसित करने के प्रयासों को प्रदर्शित किया गया।
पर्यवेक्षक कौशिल्या बरेठ द्वारा बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण एवं शिक्षा से संबंधित विभिन्न गतिविधियों को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। ग्रामीणों और कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।
स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और नियमित देखभाल के प्रति अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। बच्चों की रचनात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियों ने कार्यक्रम में विशेष उत्साह का माहौल बनाया।
गोद भराई और अन्नप्राशन ने दिया पोषण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान आयोजित गोद भराई और अन्नप्राशन संस्कार केवल पारंपरिक आयोजन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि इनके माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश भी दिए गए।
गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक एवं संतुलित भोजन, स्वास्थ्य जांच और गर्भावस्था के दौरान सावधानियों की जानकारी दी गई। वहीं अन्नप्राशन के दौरान अभिभावकों को बच्चों की उम्र और आवश्यकता के अनुसार पूरक आहार शुरू करने तथा भोजन में पोषक तत्वों की विविधता बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य परीक्षण के साथ स्वच्छता और पोषण की जानकारी
आंगन मिलन कार्यक्रम में बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण की गतिविधियां भी आयोजित की गईं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और बच्चों की देखभाल से संबंधित आवश्यक जानकारी ग्रामीणों को दी।
माताओं को बच्चों के संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य निगरानी तथा शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक गतिविधियों के बारे में समझाया गया। बच्चों के स्वास्थ्य और विकास में परिवार की भूमिका को भी रेखांकित किया गया।
पोषण माह प्रदर्शनी में स्थानीय खाद्य पदार्थों की उपयोगिता बताई
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण पोषण माह प्रदर्शनी रही। प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों तथा संतुलित आहार के महत्व को समझाया गया।
ग्रामीणों को बताया गया कि बच्चों और महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए भोजन में विविधता बनाए रखना तथा आवश्यक पोषक तत्वों को शामिल करना जरूरी है। स्थानीय एवं आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थों के माध्यम से पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के बारे में भी जानकारी दी गई।
मातृ संवाद के माध्यम से महिलाओं से सीधा संवाद
कार्यक्रम में आयोजित मातृ संवाद के दौरान महिलाओं को स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई। माताओं ने भी अपनी जिज्ञासाएं और अनुभव साझा किए। इस संवाद के माध्यम से महिलाओं को बच्चों की देखभाल, पोषण, स्वास्थ्य निगरानी तथा प्रारंभिक बाल विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
आंगनबाड़ी सेवाओं से जुड़ने ग्रामीणों से किया गया आह्वान
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित विभिन्न सेवाओं और गतिविधियों की जानकारी दी गई। बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों की देखभाल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के साथ-साथ माताओं और महिलाओं को भी आवश्यक जानकारी एवं सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों द्वारा ग्रामीण स्तर पर किए जा रहे कार्यों को प्रोत्साहित करना तथा समुदाय की भागीदारी को बढ़ाना भी रहा। ग्रामीणों से आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने और उपलब्ध सेवाओं का लाभ लेने का आह्वान किया गया।
जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य कर्मियों और ग्रामीणों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत बेहरचुवां की सरपंच एवं मुख्य अतिथि श्रीमती द्रौपती बाई राठिया के साथ पंच सुख बाई, केवरा बाई, राजेंद्र राठिया एवं प्रतिभा राठिया उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंजूषा दिवाकर एएनएम, चंद्रिका एएनएम तथा सतनारायण कंवर सहित मितानिनों ने सहभागिता की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में कुमारी बाई, राम कुमारी मरकाम, सरस्वती श्रीवास्तव, शशि जगत, शशि महंत, रामेश्वरी, रेवती, निषाद, बिंदु, लता जगत, शकुंतला, ईश्वरी एवं इलेश्वरी सहित अन्य कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।
इसी तरह सहायिकाओं में रमिला राठिया, टिकेशवरी, उमा, उषा एवं संतोषी राठिया सहित अन्य कर्मियों ने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही।
बच्चों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
कार्यक्रम में ग्रामीणों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों की प्रतियोगिताओं, रंगोली और रचनात्मक गतिविधियों ने विशेष रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। महिलाओं ने मातृ संवाद और पोषण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता की तथा स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच संवाद का अवसर भी मिला, जिससे ग्रामीणों को आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित गतिविधियों को करीब से समझने का अवसर प्राप्त हुआ।
ग्रामीणों ने बताया उपयोगी और जनहितकारी पहल
कार्यक्रम में शामिल ग्रामीणों ने इस प्रकार के आयोजनों को उपयोगी बताया। ग्रामीणों के अनुसार आंगन मिलन जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से गांव में ही एक स्थान पर स्वास्थ्य, पोषण, मातृ-शिशु देखभाल, प्रारंभिक बाल विकास और आंगनबाड़ी सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिल जाती है।
ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से शासन की योजनाओं एवं सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ती है और ग्रामीण समुदाय को आंगनबाड़ी केंद्रों से अधिक मजबूती से जुड़ने का अवसर मिलता है।
समुदाय और आंगनबाड़ी के बीच मजबूत हुआ संवाद
बेहरचुवां में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम ने आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्रामीण समुदाय के बीच संवाद एवं सहभागिता को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक बाल विकास, शिक्षा और जनजागरूकता से जुड़े विषयों को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि बच्चों के स्वस्थ एवं समुचित विकास तथा महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए परिवार और समुदाय की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है।
इस प्रकार बेहरचुवां में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक बाल विकास और जनजागरूकता को केंद्र में रखते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन के उद्देश्यों को प्रभावी रूप से समुदाय तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।















