वीरों की भूमि कहे जाने वाले इलाके से भारतीय नौसेना का एक जवान जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि जवान पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence (ISI) को संवेदनशील सूचनाएं देने का शक है।
गिरफ्तारी की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया। जिन गलियों में कभी बेटे की वर्दी पर गर्व की चर्चा होती थी, वहां अब लोग हैरानी और अविश्वास में डूबे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय एजेंसियों ने लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी। डिजिटल माध्यमों के जरिए संपर्क और कुछ दस्तावेजों के आदान-प्रदान को लेकर जांच शुरू हुई, जिसके बाद कार्रवाई की गई। फिलहाल जवान से पूछताछ जारी है और उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
परिवार इस पूरे घटनाक्रम से टूट गया है। जवान के पिता ने कहा कि उनका बेटा देश की सेवा के लिए समर्पित था और उन्हें इस तरह के आरोपों पर यकीन नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि सच सामने आना चाहिए और अगर कोई गलती हुई है तो कानून अपना काम करे।
गांव के लोग भी दो हिस्सों में बंटे नजर आ रहे हैं। कुछ लोग इसे साजिश बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
इस मामले ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और सैन्य प्रतिष्ठानों की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं।
देश के लिए गद्दारी करता पकड़ा गया आगरा का आदर्श ISI के लिए जासूसी के …..






