देहरादून में आई जल प्रलय ने मुरादाबाद मंडल के कई परिवारों की खुशियों को चुटकी में खत्म कर दिया। इस आपदा में मारे गए छह लोगों का अंतिम संस्कार बुधवार को उनके गांव मुड़िया जैन के श्मशान घाट पर एक साथ किया गया। एक साथ छह चिताओं को जलते देख हर कोई दहला गया। महिलाओं की सिसकियों और बच्चों के आंसुओं ने पूरे गांव में गम और पीड़ा का माहौल पैदा कर दिया।
गांव में सन्नाटा और मातम
घरों में चूल्हे ठंडे पड़े थे और हर चेहरे पर गहरा शोक झलक रहा था। कल तक जिन घरों में हंसी-खुशी और रौनक थी, वहां अब सिर्फ मातम और खामोशी का राज है। लोग एक-दूसरे को ढांढस बंधाते रहे, लेकिन दिल की गहरी चोट ने शब्दों को भी रोक दिया।
लापता लोगों की चिंता और बढ़ा दर्द
हादसे के बाद लापता लोगों की चिंता ने गांववालों की व्यथा और बढ़ा दी है। पूरा गांव शोक और सदमे की चादर में ढका हुआ है। मुड़िया जैन गांव में छह अर्थियों के एक साथ उठने से हर गली, आंगन और मोहल्ले में चीख-पुकार और करुण क्रंदन की आवाजें गूंज रही थीं।
यह जल प्रलय न केवल कई परिवारों की खुशियों को छीन गई, बल्कि पूरे इलाके में गहरी उदासी और सहानुभूति का माहौल भी पैदा कर दिया। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन गांव के लोग अभी भी अपने अपनों को खोने के आघात से उबर नहीं पाए हैं।






