सरकार का सख्त निर्देश था शाम 5 बजे तक कार्यालय में बैठेंगे अधिकारी, लेकिन बरेली PWD में 4 बजे ही बंद हो गया कामकाज! आखिर किसके संरक्षण में चल रही है यह मनमानी?
बरेली। उत्तर प्रदेश सरकार के स्पष्ट निर्देशों को अधिकारी कितनी गंभीरता से लेते हैं, इसकी एक तस्वीर बरेली में लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता कार्यालय में देखने को मिली। छोटी दिवाली के दिन जहां शासन की ओर से अधिकारियों को शाम 5 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहने के सख्त निर्देश दिए गए थे, वहीं बरेली के PWD मुख्य अभियंता कार्यालय में शाम करीब 4 बजे ही अधिकारी और कर्मचारी नदारद मिले।
कार्यालय पहुंचने पर मुख्य अभियंता की कुर्सी समेत अन्य अधिकारियों की सीटें खाली पड़ी थीं। वहां मौजूद कुछ चपरासियों से जब अधिकारियों के बारे में जानकारी मांगी गई तो उनका जवाब था कि आज कोई नहीं मिलेगा, सभी जा चुके हैं। हैरानी की बात यह रही कि कार्यालय में अधिकारियों की गैरमौजूदगी के बावजूद खानापूर्ति के लिए ताले तक नहीं लगाए गए थे।
पत्रकार को भी नहीं मिला मुख्य अभियंता का नंबर!
मामला सिर्फ अधिकारियों की गैरमौजूदगी तक सीमित नहीं रहा। जब मुख्य अभियंता से संपर्क करने के लिए उनका मोबाइल नंबर मांगा गया तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने नंबर देने से इनकार कर दिया। बताया गया कि साहब का निर्देश है कि किसी को उनका नंबर नहीं दिया जाए।
हैरानी तब और बढ़ गई जब यह स्पष्ट किया गया कि जानकारी लेने वाले पत्रकार हैं, इसके बावजूद मुख्य अभियंता का संपर्क नंबर उपलब्ध नहीं कराया गया।
आम जनता आखिर किसके भरोसे?
यहां सबसे बड़ा सवाल आम जनता की परेशानी को लेकर खड़ा होता है। जब पत्रकारों को भी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी से संपर्क करने के लिए उनका नंबर नहीं मिल पा रहा है, तो आम नागरिक अपनी शिकायतों और समस्याओं को लेकर आखिर किसके पास जाएं?
PWD की ऑनलाइन वेबसाइट पर उपलब्ध संपर्क विवरण में भी मुख्य रूप से लैंडलाइन नंबर ही दिए गए हैं। ऐसे में यदि अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं हैं और फोन उठाने वाला भी कोई नहीं है, तो जनता की शिकायतें सुनेगा कौन?
शासन के आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित?
एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार सरकारी कार्यालयों में समयबद्ध उपस्थिति और जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारियों की कथित मनमानी शासन के आदेशों पर ही सवाल खड़े कर रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बरेली PWD के मुख्य अभियंता कार्यालय में शासन के निर्देशों से ऊपर अधिकारियों के अपने नियम चलते हैं? क्या इस मामले में विभागीय उच्चाधिकारी जांच कर जवाबदेही तय करेंगे? या फिर सरकारी आदेशों की अनदेखी यूं ही जारी रहेगी?
अब देखना होगा कि शासन और विभाग के उच्चाधिकारी इस मामले को संज्ञान में लेते हैं या जनता को इसी तरह अधिकारियों की गैरमौजूदगी और संपर्कहीन व्यवस्था का सामना करना पड़ेगा।






