Home / Politics / बीजेपी सरकार का विकास क्या सिर्फ भाषणों तक सीमित है? 20 वर्षों से सड़क के लिए तरस रहे 150 से अधिक ग्रामीण! जिलाधिकारी के दरवाजे पर दस्तक देने के बावजूद नहीं मिल रहा न्याय…

बीजेपी सरकार का विकास क्या सिर्फ भाषणों तक सीमित है? 20 वर्षों से सड़क के लिए तरस रहे 150 से अधिक ग्रामीण! जिलाधिकारी के दरवाजे पर दस्तक देने के बावजूद नहीं मिल रहा न्याय…

राज्य में बीजेपी सरकार ग्रामीण विकास, सुशासन और आम जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। लेकिन भद्रक जिले के इस गांव की तस्वीर सरकार के विकास के दावों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।हैरानी की बात यह है कि करीब 20 वर्षों पहले बाढ़ में बह चुकी सड़क का आज तक स्थायी निर्माण नहीं हो पाया है। एक तरफ सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, तो दूसरी तरफ ग्रामीण पिछले दो दशकों से एक सड़क के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।आखिर यह कैसा विकास? यह कैसा सुशासन? भद्रक जिले के अर्णपाल ग्राम पंचायत अंतर्गत राजुआलिबिंधा राजस्व गांव के शासन साही में पिछले करीब 20 वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है। बाढ़ में बह चुकी मुख्य सड़क का आज तक स्थायी निर्माण नहीं किया गया है। जिसके कारण 150 से अधिक ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ग्रामीणों द्वारा बार-बार जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराने के बावजूद इस समस्या का समाधान क्यों नहीं हो रहा है? क्या प्रशासन के पास आम जनता की समस्याएं सुनने का समय नहीं है? या फिर ग्रामीण इलाकों के लोगों की याद केवल चुनाव के समय ही आती है?सड़क की बदहाल स्थिति के कारण स्कूली बच्चों को कीचड़ और पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं, किसी ग्रामीण के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह केवल सड़क की समस्या नहीं है, बल्कि गांव के लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है। यदि सरकार का विकास वास्तव में गांव-गांव तक पहुंच रहा है, तो फिर इस गांव को विकास की बुनियादी सुविधाओं से वंचित क्यों रखा गया है?पंचायत चुनाव आते ही नेता गांव पहुंचेंगे, ग्रामीणों के सामने हाथ जोड़ेंगे और बड़े-बड़े वादे करेंगे। सड़क निर्माण से लेकर गांव के संपूर्ण विकास तक के आश्वासन दिए जाएंगे। लेकिन चुनाव समाप्त होते ही उन वादों का क्या होता है, इसकी सच्चाई इस गांव की बदहाल सड़क खुद बयां कर रही है। ग्रामीणों ने सड़क की बदहाल स्थिति की तस्वीरों और ग्रामीणों के हस्ताक्षर युक्त सूची के साथ जिलाधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई है।ग्रामीणों की मांग है कि इस सड़क को ग्रामीण विकास विभाग के रूरल वर्क्स प्रोजेक्ट के अंतर्गत शामिल किया जाए और जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए। अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर जिला प्रशासन और राज्य सरकार कब तक संज्ञान लेते हैं और 20 वर्षों से सड़क के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों को आखिर कब न्याय मिलता है। सवाल सरकार और प्रशासन दोनों से है—क्या इन 150 से अधिक ग्रामीणों को पक्की सड़क जैसी बुनियादी सुविधा पाने का अधिकार नहीं है? I

Tagged:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[post-views]
Share
Now