Home / News / यूसुफ पठान को BJP का ‘तोहफा ‘गुजरात सरकार के फैसले से सियासी हलचल तेज…

यूसुफ पठान को BJP का ‘तोहफा ‘गुजरात सरकार के फैसले से सियासी हलचल तेज…

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान को गुजरात के वडोदरा में जमीन आवंटन के मामले में बड़ी राहत मिली है। गुजरात सरकार ने तंडलजा इलाके में उनके आवास के पास स्थित 978 वर्ग मीटर के विवादित भूखंड के आवंटन को मंजूरी दे दी है। इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 20.53 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि, आवंटन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए नगर निगम की निर्धारित मंजूरी अभी बाकी है।

सरकारी व्यवस्था के अनुसार, भूखंड के 500 वर्ग मीटर हिस्से को आवासीय उपयोग के लिए उपहार के रूप में देने का प्रस्ताव है, जबकि शेष 478 वर्ग मीटर जमीन मूल्यांकन समिति द्वारा तय कीमत के 55 प्रतिशत पर आवंटित की जाएगी। इस तरह रियायती दर पर जमीन मिलने का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि, यूसुफ पठान को कितनी राशि का भुगतान करना होगा, इसका अंतिम निर्धारण अभी होना बाकी है।

2012 से चल रहा है जमीन का विवाद

इस मामले की शुरुआत वर्ष 2012 में हुई थी, जब यूसुफ पठान ने वडोदरा नगर निगम से अपने घर के पास की जमीन 99 साल की लीज पर आवंटित करने का अनुरोध किया था। उस समय नगर निगम ने प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, लेकिन गुजरात सरकार ने 2014 में सार्वजनिक नीलामी के बिना जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।

जून 2024 में नगर निगम ने जमीन पर कथित अनधिकृत कब्जे को लेकर यूसुफ पठान को नोटिस जारी किया। इसके बाद मामला गुजरात हाई कोर्ट पहुंचा। अगस्त 2025 में हाई कोर्ट की एकल पीठ ने पहले आवंटन प्रस्ताव को खारिज करने के सरकारी फैसले को बरकरार रखा था। बाद में यूसुफ पठान ने इसके खिलाफ अपील की, जिसे उन्होंने 31 अगस्त 2026 को वापस ले लिया।

फैसले के समय पर उठ रहे सवाल

गुजरात सरकार के इस फैसले को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्टों में इसे यूसुफ पठान के तृणमूल कांग्रेस से अलग होने और एनडीए खेमे में जाने के बाद हुए घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, केवल समय के आधार पर इस आवंटन को किसी राजनीतिक सौदे का परिणाम मानना उचित नहीं होगा।

अब नगर निगम की स्थायी समिति और सामान्य सभा की मंजूरी, भुगतान की शर्तें और जमीन से जुड़े पुराने कब्जे के विवाद पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। पूरे मामले में अंतिम स्थिति नगर निगम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

Tagged:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[post-views]
Share
Now