रसड़ा की श्री रामलीला में सोमवार को दसवें दिन रावण द्वारा कुंभकरण को जगाना, प्रभु श्रीराम के हाथों कुंभकरण का वध, अहिरावण द्वारा श्रीराम व लक्ष्मण को चुरा कर पतालपुरी लेकर जाने तथा हनुमानजी के द्वारा अहिरावण का वध का शानदार अभिनय कर हजारों श्रद्धालुआें को भावविभोर कर दिया
(रिपोर्ट-नेहाल अख्तर)
(Express news bharat)
(जिला संवाददता बलिया)
रसड़ा (बलिया) : रसड़ा की श्रीरामलीला में सोमवार को दसवें दिन रावण द्वारा कुंभकरण को जगाना, प्रभु श्रीराम के हाथों कुंभकरण का वध, अहिरावण द्वारा श्रीराम व लक्ष्मण को चुरा कर पतालपुरी लेकर जाने तथा हनुमानजी के द्वारा अहिरावण का वध का शानदार अभिनय कर हजारों श्रद्धालुआें को भावविभोर कर दिया। राम सेना के ताबड़तोड़ हमले के मद्देनजर रावण ने गहरी निंद्रा में सो रहे अपने भाई कुंभकरण को काफी प्रयास के बाद जगाकर सारा वृतांत को बताया। तत्पश्चात कुंभकरण व प्रभु श्रीराम से भयंकर युद्ध छिड़ गया और कुंभकरण मारा गया। जब यह खबर रावण के भाई अहिरावण को चली तो अपने खेमे में सो रहे श्रीराम व लक्ष्मण को चुरा कर पतालपुरी लेकर चला गया। श्रीराम व लक्ष्मण के लापता होने से वानरी सेना में भारी मायूसी छा गई। श्रीराम व लक्ष्मण का पता लगाने के लिए हनुमानजी ने पतालपुरी पहुंचे गए और अहिरावण का वध कर श्रीराम व लक्ष्मण को लेकर बाहर आये। इस सजीव एवं जीवंत अभिनय को देख उमड़ा जनसैलाब श्रीराम व हनुमान की जयकारा लगाना शुरू कर दिया









