बरेली। जिला अस्पताल से बुर्का पहनकर पुलिस अभिरक्षा से फरार हुई 25 हजार रुपये की इनामी महिला बंदी ममता को25 कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे 17 अक्टूबर की रात करीब 1:40 बजे डमरू चौराहे के आगे यात्री शेड के पास नगर निगम के नीले कंटेनर की आड़ से पकड़ा। वह शहर से बाहर भागने के लिए किसी वाहन का इंतजार कर रही थी।
पुलिस के मुताबिक, ममता पत्नी पप्पू लाल निवासी तुलाशेरपुर, मुंडिया अहमदनगर, थाना इज्जतनगर फरीदपुर थाने में दर्ज एक मुकदमे में जेल में बंद थी। बीमारी के चलते उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दो सितंबर 2026 को महिला पुलिसकर्मी उसकी निगरानी में तैनात थीं। शाम करीब 6:35 बजे ममता नहाने के लिए बाथरूम गई। आरोप है कि वह बुर्का पहनकर वहां से फरार हो गई। इस मामले में उसके दोनों बेटों केशव और विशाल की भूमिका भी सामने आई थी। घटना के बाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई थी। गिरफ्तारी के लिए अधिकारियों ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर को कोतवाली पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि ममता डमरू चौराहे के आगे यात्री शेड के पास छिपी हुई है और शहर से बाहर जाने की फिराक में है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
बेटे ने लाकर दिया था बुर्का
पूछताछ में ममता ने पुलिस को बताया कि जेल में रहने के डर से उसने अपने दोनों बेटों के साथ मिलकर अस्पताल से फरार होने की योजना बनाई थी। उसके बेटे केशव ने उसे बुर्का लाकर दिया था। बुर्का पहनकर वह बाथरूम के रास्ते पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग निकली थी। फरारी के बाद वह अलग-अलग जगह छिपती रही और अब शहर से बाहर जाने की कोशिश कर रही थी।
पुलिस के मुताबिक, ममता के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा लिखा गया था
फरीदपुर थाने में उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में पहले से मुकदमा दर्ज है। कोतवाली प्रभारी राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में निरीक्षक तारिक खान, कांस्टेबल आशीष चौधरी, महिला कांस्टेबल नेहा गुर्जर और आंचल की टीम ने गिरफ्तारी की।






