रजत मल्होत्रा
संभल। विश्व हिंदू परिषद की प्रमुख इकाई दुर्गा वाहिनी के तत्वावधान में दुर्गाष्टमी का पावन पर्व रविवार को अत्यंत हर्षोल्लास एवं श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ भगवती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सनातन परंपरा के अनुसार शस्त्र पूजन के साथ की गई।
कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन दुर्गा वाहिनी की प्रखंड संयोजिका सोनी जी के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मातृशक्ति की जिला संयोजिका दीपा वार्ष्णेय जी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजिका प्रतीक्षा गुप्ता जी ने उपस्थित मातृशक्ति एवं बालिकाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दुर्गाष्टमी का पर्व केवल पूजन-अर्चन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नारी शक्ति के जागरण, आत्मरक्षा और स्वाभिमान का प्रतीक है।
उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा, “माँ दुर्गा का प्रत्येक स्वरूप हमें अन्याय, अधर्म और असत्य के विरुद्ध दृढ़ता से खड़े होने की सीख देता है। वर्तमान समय में महिलाओं को अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी होगी। नारी केवल ममता की प्रतिमूर्ति ही नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर शक्ति का साक्षात स्वरूप भी है।”
विशिष्ट अतिथि दीपा वार्ष्णेय जी ने भी संस्कारवान समाज के निर्माण में मातृशक्ति के योगदान पर प्रकाश डाला।
अंत में प्रखंड संयोजिका सोनी जी ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन माँ अम्बे की महाआरती और भारत माता के जयकारों के साथ हुआ।






