लोकेशन—संभल
रिपोर्ट—रजत मल्होत्रा
एंकर रीड—जनपद संभल में साइबर फ्रॉड करने वाले अपराधियों के विरुद्ध साइबर सेल और साइबर थाने की टीम लगातार कार्यवाही कर रही थी।
इसी क्रम में साइबर थाने के निरीक्षक पुष्पेंद्र को सूचना मिली कि एक गैंग एक्टिव है जो साइबर फ्रॉड में शामिल है और पेट्रोल पंप के ऑपरेटर्स के साथ मिलकर साइबर फ्रॉड की रकम को खपाने/एडजस्ट करने का काम कर रहा है।
इसी दौरान एक जियो पेट्रोल पंप के मालिक ऋषभ रस्तोगी ने सूचना दी कि उनके पेट्रोल पंप का अकाउंट होल्ड हो गया है और ऑडिट में कुछ संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं। इस पर टीम ने उनके ऑपरेटर की गतिविधियों पर निगरानी की। पूछताछ में पता चला कि वो ऑपरेटर एक साइबर गैंग के संपर्क में है।
इसी सूचना को डेवलप करते हुए आज साइबर थाने की टीम ने 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है:जिनके नाम >>>>
- मनु शर्मा – पेट्रोल पंप ऑपरेटर (संभल)
- नरेंद्र कुमार – पेट्रोल पंप ऑपरेटर (संभल)
- सुनील कुमार – पेट्रोल पंप ऑपरेटर (संभल)
- प्रशांत राघव – निवासी पवांसा (लोकल मास्टरमाइंड)
- आदित्य मोहन – निवासी हजरत नगर गढ़ी (लोकल मास्टरमाइंड)
वीओ — ये लोग नेटवर्क बनाकर साइबर फ्रॉड के नए अकाउंट्स खाते में पैसा डलवाते थे। फिर आदित्य मोहन और प्रशांत राघव खुद पेट्रोल पंप पर जाकर पेट्रोल पंप के अकाउंट में वह फ्रॉड का पैसा ट्रांसफर/जमा करते थे और बदले में ऑपरेटर से तेल बेचने वाला कैश ले लेते थे। इस तरह साइबर ठगी की रकम को कैश में बदल कर खपाया जाता था।
जियो वाले पेट्रोल पंप के खिलाफ हैदराबाद सहित साउथ इंडिया में 4 शिकायतें भी मिली हैं।
अभियुक्त प्रशांत राघव वर्ष 2020 में थाना बारादरी, बरेली से फर्जी कॉल सेंटर और ऑनलाइन फ्रॉड मामले में जेल जा चुका है। इनके पास से काफी सारे सिम कार्ड और KYC के लिए इस्तेमाल होने वाले दस्तावेज बरामद हुए हैं। ये भोले-भाले लोगों को बहला-फुसला कर उनका अकाउंट खुलवाते थे।
इस गैंग के ऊपर दिल्ली और राजस्थान के कुछ और मास्टरमाइंड के बारे में भी जानकारी मिली है, जिन पर टीम पूछताछ कर रही है।






