पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही खींचतान के बीच एक नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस (DTC) विपक्षी INDIA ब्लॉक में शामिल होने की इच्छा जता रहा है, लेकिन इसके लिए उसने एक अहम शर्त रखी है। DTC के चीफ व्हिप एमडी अखरुज्जमां ने कांग्रेस नेतृत्व से कथित तौर पर मांग की है कि ममता बनर्जी को INDIA ब्लॉक से बाहर रखा जाए।
अखरुज्जमां ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी से इस मांग पर विचार करने की अपील की है। उन्होंने ममता बनर्जी और TMC पर विपक्षी एकता को कमजोर करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, ये आरोप अखरुज्जमां के राजनीतिक दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं पेश किया जा सकता। DTC का कहना है कि यदि ममता को गठबंधन से अलग किया जाता है, तो उसका गुट INDIA ब्लॉक के साथ आने को तैयार है।
दरअसल, पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर विवाद पिछले कुछ महीनों में खुलकर सामने आया है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी के एक बड़े विधायक गुट ने अलग नेतृत्व का दावा किया था। जून 2026 में इस गुट ने विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता बनाए जाने की मांग की और बाद में विधानसभा अध्यक्ष से मान्यता भी मिली। रिपोर्टों के मुताबिक, इस गुट ने पार्टी के संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर भी ममता बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती दी है।
TMC के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद भी अब चुनाव आयोग तक पहुंच चुका है। चुनाव आयोग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को मूल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और पारंपरिक चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल से रोक दिया है। इसके बाद दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह दिए गए। इस विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को तीन महीने के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच INDIA ब्लॉक की हालिया बैठक में ममता बनर्जी की मौजूदगी भी सामने आई है। ऐसे में ऋतब्रत गुट की ‘ममता को बाहर रखने’ की शर्त विपक्षी गठबंधन के भीतर बंगाल को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान को और महत्वपूर्ण बना देती है। फिलहाल DTC की मांग पर INDIA ब्लॉक की ओर से किसी अंतिम फैसले की जानकारी सामने नहीं आई है।





