बांका के पर्यवेक्षण गृह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्य भूषण आर्य ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उनके साथ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शैलेंद्र कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव सपना रानी एवं किशोर न्याय परिषद की न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी मौजूद रहीं।
निरीक्षण के क्रम में प्रधान जिला जज ने पर्यवेक्षण गृह में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई की जांच की, जहां कई प्रकार की कमियां सामने आईं। इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बच्चों को किसी भी स्थिति में घटिया या अस्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाए। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पौष्टिकता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
इसके बाद प्रधान जिला जज ने पर्यवेक्षण गृह की मेडिकल यूनिट का भी निरीक्षण किया और बच्चों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी जरूरतों को समझने का प्रयास किया।
प्रधान जिला जज सत्य भूषण आर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यवेक्षण गृह में रह रहे बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों के हित में सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।
औचक निरीक्षण के दौरान मिली खाद्य व्यवस्था की कमियां यह सवाल भी खड़ा करती हैं कि आखिर नियमित निगरानी के बावजूद ऐसी स्थिति क्यों बनी। अब देखना होगा कि प्रधान जिला जज के निर्देश के बाद पर्यवेक्षण गृह की व्यवस्था में कितना सुधार आता है और जिम्मेदार अधिकारी इन कमियों को दूर करने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं। मनोरंजन प्रसाद, ब्यूरो चीफ, बांका।
पर्यवेक्षण गृह में प्रधान जिला जज का औचक निरीक्षण, खाद्य व्यवस्था में मिली खामियां—अधिकारियों को लगाई फटकार






