मुड़िया अहमद नगर में धरना, सड़क जाम कर जताया विरोध; तत्काल रिहाई की मांग
बरेली। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की हरियाणा में गिरफ्तारी के विरोध की आंच बरेली तक पहुंच गई। बुधवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी से जुड़े किसानों ने मुड़िया अहमद नगर में धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने सड़क पर बैठकर जाम लगाया और चढूनी की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के जिलाध्यक्ष केशव सिंह सोलंकी और जिला महासचिव अर्जुन यादव ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान धरने में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसान नेताओं के खिलाफ कार्रवाई का विरोध किया।
सड़क पर बैठे किसान, चढूनी की रिहाई की मांग
मुड़िया अहमद नगर में जुटे किसान सड़क पर बैठ गए और विरोध दर्ज कराया। किसानों का कहना था कि गुरनाम सिंह चढूनी लंबे समय से किसानों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी से किसान संगठनों में नाराजगी है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि चढूनी को तत्काल रिहा किया जाए और किसान संगठनों के साथ बातचीत के जरिए उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि चढूनी की रिहाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार करेगा।
“सरकार जब डरती है तो पुलिस को आगे करती है”
धरने के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा, “सरकार जब डरती है तो पुलिस को आगे करती है।” किसानों का आरोप था कि आंदोलन और प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार को पुलिस कार्रवाई के जरिए दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं। किसान नेताओं की गिरफ्तारी से उनकी मांगें समाप्त नहीं होंगी, बल्कि इससे आंदोलन और तेज होने की आशंका है।
हरियाणा की पुलिस कार्रवाई को लेकर भी जताई नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने हरियाणा में हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। किसानों के अनुसार हरियाणा और पंजाब में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसान आंदोलन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस कार्रवाई और किसान नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर संगठनों में रोष बढ़ा है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि किसानों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पानी की बौछार की गई। बरेली में प्रदर्शन करने वाले किसानों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान बल प्रयोग से नहीं, बल्कि बातचीत से होना चाहिए।
जिलाध्यक्ष केशव सिंह सोलंकी और अर्जुन यादव ने संभाला मोर्चा
बरेली में हुए प्रदर्शन की कमान जिलाध्यक्ष केशव सिंह सोलंकी और जिला महासचिव अर्जुन यादव ने संभाली। दोनों पदाधिकारियों के नेतृत्व में किसानों ने धरना देकर अपनी मांगें उठाईं। किसान नेताओं ने कहा कि संगठन गुरनाम सिंह चढूनी के साथ खड़ा है और उनकी रिहाई की मांग को लेकर आवाज उठाता रहेगा।
पदाधिकारियों ने कहा कि किसान अपनी फसलों के उचित मूल्य, MSP और अन्य समस्याओं को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर समाधान निकालना चाहिए।
रिहाई नहीं हुई तो आंदोलन आगे बढ़ाने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान किसानों का सबसे प्रमुख मुद्दा गुरनाम सिंह चढूनी की रिहाई रहा। किसानों ने कहा कि किसान नेताओं की गिरफ्तारी से आंदोलन को खत्म नहीं किया जा सकता। यदि चढूनी को जल्द रिहा नहीं किया गया तो संगठन आगे की रणनीति तय करेगा और विरोध को व्यापक रूप दिया जा सकता है।
मुड़िया अहमद नगर में हुए इस प्रदर्शन के जरिए किसानों ने साफ संदेश दिया कि हरियाणा में हुई कार्रवाई को लेकर बरेली के किसान भी विरोध दर्ज करा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से चढूनी की रिहाई के साथ किसानों की मांगों पर बातचीत शुरू करने की मांग की।






