उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार रात एक बेहद गंभीर वारदात के बाद करीब सात घंटे तक चला पुलिस ऑपरेशन बुधवार सुबह खत्म हुआ। अहरौला क्षेत्र के शंभूपुर गांव में एक व्यक्ति पर अपनी पत्नी और दो पुजारियों की हत्या करने का आरोप है। इसके बाद वह अपने बच्चों को लेकर घर के अंदर चला गया और खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे घर को घेर लिया और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ आरोपी से आत्मसमर्पण कराने की कोशिश शुरू की।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कई घंटे तक आरोपी से बातचीत की जाती रही। परिवार के लोगों और पुलिस ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह बाहर आने और बच्चों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसी दौरान घर के अंदर से अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने का फैसला किया।
ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम ने घर में प्रवेश किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, स्टन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल करने के बाद दरवाजा तोड़कर पुलिसकर्मी अंदर पहुंचे। पुलिस का दावा है कि अंदर पहुंचते ही आरोपी ने टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई हुई। आरोपी घायल हुआ और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
इस पूरे घटनाक्रम में आरोपी का एक बेटा भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं घर में मौजूद दो बेटियों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उन्हें परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती विवाद एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान हुआ था। रिपोर्टों में बताया गया है कि परिवार में एक मृत रिश्तेदार की आत्मा की शांति के लिए पूजा रखी गई थी। इसी दौरान आरोपी और वहां मौजूद लोगों के बीच विवाद बढ़ गया और मामला हिंसक हो गया। हालांकि, पूरे घटनाक्रम की विस्तृत परिस्थितियों की जांच अभी जारी है।
करीब सात से आठ घंटे तक चले इस घटनाक्रम में पुलिस की प्राथमिकता घर के अंदर मौजूद बच्चों को सुरक्षित निकालना रही। बातचीत से समाधान नहीं निकलने और अंदर से गोली चलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। अब मामले में हत्या की वजह, घटनाक्रम की पूरी कड़ी और आरोपी के व्यवहार से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।





