सैदपुर चुन्नीलाल निवासी प्रेमपाल का आरोप—₹6,355 का बिल जमा करने के बाद करीब ₹10 थे बकाया, फिर भी काटा कनेक्शन
बरेली। बरेली के सैदपुर चुन्नीलाल निवासी प्रेमपाल ने बिजली विभाग के कुछ कर्मचारियों और स्थानीय लाइनमैन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेमपाल का दावा है कि वह बिजली का बिल समय से जमा करते हैं। जुलाई माह में उनके कनेक्शन पर ₹6,355 का बिजली बिल आया था, जिसका उन्होंने भुगतान कर दिया था और केवल करीब ₹10 की राशि बकाया रह गई थी। आरोप है कि इसके बावजूद बाद में कम बिजली बिल आने को आधार बनाकर उन पर बिजली चोरी का आरोप लगाया गया।
घर में अकेली थीं मंजू, 7-8 लोगों के पहुंचने का आरोप
प्रेमपाल के अनुसार घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं थे और घर में मंजू अकेली थीं। आरोप है कि इसी दौरान बिजली विभाग की कार्रवाई के नाम पर करीब सात से आठ लोग उनके घर पहुंचे।
प्रेमपाल का कहना है कि बिजली का मीटर घर के बाहर लगा हुआ है। इसके बावजूद टीम में शामिल कुछ लोग कथित तौर पर घर के अंदर चले गए। परिवार ने सवाल उठाया है कि जब मीटर बाहर लगा था तो जांच के लिए घर में प्रवेश करने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
₹15 हजार मांगने का गंभीर आरोप
सैदपुर चुन्नीलाल निवासी प्रेमपाल का आरोप है कि टीम के कुछ सदस्यों ने बिजली चोरी का मामला बनाने का डर दिखाया और कार्रवाई से बचने के लिए कथित तौर पर ₹15 हजार की मांग की। परिवार का दावा है कि रुपये देने से इनकार करने पर उनका बिजली कनेक्शन काट दिया गया और मीटर को भी नुकसान पहुंचाया गया।
हालांकि, रुपये मांगने और मीटर तोड़ने समेत इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित कर्मचारियों का विस्तृत पक्ष सामने आना भी बाकी है।
प्रेमपाल बोले—₹6,355 का बिल पहले ही जमा किया
प्रेमपाल के मुताबिक जुलाई माह में ₹6,355 का बिल आने पर उन्होंने उसका भुगतान कर दिया था। इसके बाद करीब ₹10 की मामूली राशि ही बकाया बताई जा रही थी। उनका सवाल है कि विभाग द्वारा जारी बिल का भुगतान करने के बावजूद केवल कम बिल आने के आधार पर बिजली चोरी का आरोप किस आधार पर लगाया गया।
परिवार की मांग है कि कनेक्शन की पूरी बिलिंग हिस्ट्री, मीटर रीडिंग और मौके पर हुई कार्रवाई के विभागीय रिकॉर्ड की जांच कराई जाए।
टीजी-2 और स्थानीय लाइनमैन के मौके पर होने का दावा
परिवार के अनुसार मौके पर टीजी-2 शिव रतन राठौर और रमेश चौहान के अलावा स्थानीय लाइनमैन नश्रू खान, मंडोई लाल और नरेश समेत अन्य लोग मौजूद थे। प्रेमपाल ने इन सभी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल ये सभी आरोप प्रेमपाल और उनके परिवार की ओर से लगाए गए हैं। विभागीय जांच और संबंधित कर्मचारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
SDO बोले—मुझे कार्रवाई की जानकारी नहीं
मामले में संबंधित SDO से जानकारी ली गई तो उन्होंने ऐसी किसी कार्रवाई की जानकारी होने से इनकार किया। इसके बाद सवाल उठ रहा है कि यदि टीम विभागीय कार्रवाई के लिए गई थी तो वह किस अधिकारी के निर्देश पर मौके पर पहुंची और कार्रवाई का आधिकारिक रिकॉर्ड कहां है?
परिवार ने मांगी निष्पक्ष जांच
सैदपुर चुन्नीलाल निवासी प्रेमपाल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह भी जांच होनी चाहिए कि टीम किस आदेश पर उनके घर पहुंची, कनेक्शन काटने का आधार क्या था, मीटर की क्या स्थिति थी और मौके पर कार्रवाई का कोई लिखित रिकॉर्ड तैयार किया गया था या नहीं।
परिवार ने मांग की है कि यदि जांच में रुपये मांगने या नियमों के विपरीत कार्रवाई करने के आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।






