बरेली। 25 सितंबर 2025 को बरेली शहर में हुई घटनाओं से जुड़े मुकदमों में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रफीक बेग पुत्र करम बेग और मुख्तयार अहमद उर्फ मुख्तार अहमद पुत्र अली अहमद, निवासी फरीदापुर चौधरी, थाना इज्जतनगर, बरेली के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 58 वर्ष बताई गई है। पुलिस का कहना है कि दोनों काफी समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे और उनकी तलाश की जा रही थी।
पुलिस टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को इज्जतनगर थाना क्षेत्र में धूम डल रेलवे कॉलोनी के पास खाली मैदान से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की कार्रवाई थाना कैण्ट और थाना कोतवाली की पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को नियमानुसार संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
पूछताछ में 19 सितंबर की बैठक का जिक्र
पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने 19 सितंबर 2025 को फरीदापुर चौधरी में हुई एक बैठक का जिक्र किया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने बताया कि इस बैठक में आईएमसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खान समेत करीब 100 लोग मौजूद थे।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने 25 सितंबर 2025 को बरेली शहर में हुई घटनाओं से जुड़ी कथित योजना और उसके बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों में हुई घटनाओं के संबंध में भी जानकारी दी है। ये पुलिस की पूछताछ में सामने आए दावे हैं और इनका अंतिम कानूनी निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगा।
पुलिस का यह भी कहना है कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मामले में उनके कई साथी पहले ही जेल जा चुके हैं। इसके बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों लगातार अपने ठिकाने बदलते हुए छिप रहे थे। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश और अन्य कार्रवाई कर रही थी।
मोहनपुर, ठिरिया समेत कई इलाकों को लेकर मिली जानकारी
सूत्रों के मुताबिक दोनों आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद पुलिस को मामले से संबंधित कुछ और महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। बताया जा रहा है कि मोहनपुर, ठिरिया तथा प्रेमनगर, इज्जतनगर, कोतवाली और बारादरी थाना क्षेत्रों में हुई घटनाओं के संबंध में संकलित किए जा रहे अन्य लोगों के बारे में भी आरोपियों से जानकारी मिली है।
हालांकि पुलिस की ओर से इन अन्य लोगों के नामों की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ से मिली जानकारी और पहले से उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका के पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं तो पुलिस उसके खिलाफ भी कानून के मुताबिक कार्रवाई कर सकती है।
हिंसा के बाद सक्रिय हुए कथित बिचौलियों पर भी सवाल
25 सितंबर की घटनाओं के बाद शहर में कुछ ऐसे लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं, जिन पर मामले में नाम आने या कार्रवाई होने का डर दिखाकर अपना प्रभाव बढ़ाने और लोगों के बीच कथित तौर पर बिचौलिये की भूमिका निभाने के आरोप लगे। स्थानीय स्तर पर ऐसे आरोप भी सामने आए कि कुछ लोगों ने हिंसा से जुड़े मुकदमों और पुलिस कार्रवाई के नाम का इस्तेमाल अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिए किया।
इन आरोपों में कथित फर्जी पत्रकारों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं रही हैं। हालांकि ऐसे किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों की सत्यता स्वतंत्र जांच और आधिकारिक साक्ष्यों से ही स्थापित होगी। पुलिस की ओर से यदि इस संबंध में अलग कार्रवाई या जांच की आधिकारिक जानकारी सामने आती है तो उससे स्थिति और स्पष्ट होगी।
रफीक बेग के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज होने का दावा
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी रफीक बेग के खिलाफ वर्ष 2025 में बरेली के अलग-अलग थानों में कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार इनमें कोतवाली, प्रेमनगर, इज्जतनगर और बारादरी समेत विभिन्न थानों के मामले शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि इन मुकदमों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के अलावा आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट से संबंधित धाराएं भी शामिल हैं। इन मामलों में आरोपों और आरोपी की भूमिका का अंतिम फैसला संबंधित न्यायालयों में साक्ष्यों के आधार पर होगा।
वहीं दूसरे गिरफ्तार आरोपी मुख्तयार अहमद उर्फ मुख्तार अहमद के संबंध में पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ वर्ष 2004 और 2014 के पुराने मामलों के अलावा वर्ष 2025 में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने गिरफ्तारी के साथ दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी जारी किया है।
पुलिस अब जांच की अगली कड़ियां जोड़ने में जुटी
दोनों वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब उनसे पूछताछ में सामने आई सूचनाओं की पुष्टि पर केंद्रित हो सकती है। खास तौर पर शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई घटनाओं में अन्य लोगों की कथित भूमिका के संबंध में मिले इनपुट का उपलब्ध वीडियो, दस्तावेजों, मुकदमों और दूसरे साक्ष्यों से मिलान महत्वपूर्ण होगा।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस उन लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है जिनके बारे में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान इनपुट मिला है। जांच में साक्ष्य मिलने पर आने वाले दिनों में अन्य आरोपियों या संदिग्ध भूमिकाओं वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कस सकता है।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान सुप्रीम कोर्ट और मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है। दोनों को संबंधित न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। अब जांच की अगली दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि पूछताछ में सामने आई नई जानकारियों की पुष्टि में पुलिस को क्या साक्ष्य मिलते हैं।





