नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने भारत की अगली पीढ़ी की जरूरतों और भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई अहम लक्ष्य सामने रखे।
प्रधानमंत्री के संबोधन में युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने, खेल प्रतिभाओं को कम उम्र में पहचानने, सेमीकंडक्टर निर्माण बढ़ाने और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने पर खास जोर दिखाई दिया।
आइए जानते हैं प्रधानमंत्री के भाषण की 10 बड़ी बातें।
. AI के लिए तैयार होंगे एक करोड़ युवा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में रोजगार और कारोबार का बड़ा हिस्सा बदल सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार का फोकस बड़ी संख्या में युवाओं को AI से जुड़ी ट्रेनिंग देने पर है। लक्ष्य है कि करीब एक करोड़ युवाओं को इस तकनीक से जुड़ी स्किल हासिल करने का अवसर मिले।
. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन मदद
छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के छात्रों को बेहतर तैयारी का मौका देने के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की पहल पर जोर दिया गया। इसका मकसद यह है कि आर्थिक स्थिति या शहर की दूरी किसी छात्र की तैयारी में बाधा न बने।
. पांच से 15 साल की उम्र में खेल प्रतिभा की तलाश
भारत के भविष्य के खिलाड़ियों को कम उम्र से पहचानने की योजना पर भी प्रधानमंत्री ने बात की। देशभर में पांच से 15 साल के बच्चों के बीच टैलेंट की पहचान कर उन्हें उचित प्रशिक्षण से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
. सेमीकंडक्टर निर्माण में तेजी
मोबाइल फोन से लेकर कार और आधुनिक रक्षा प्रणालियों तक, सेमीकंडक्टर की भूमिका लगातार बढ़ रही है। भारत में इस क्षेत्र की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए आने वाले समय में कई नए प्लांट स्थापित करने की दिशा में काम जारी रहेगा।
. परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य
बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के बीच परमाणु ऊर्जा को भी अहम विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने 2047 तक देश की न्यूक्लियर पावर क्षमता को 100 गीगावाट तक ले जाने का लक्ष्य सामने रखा है।
. भारतीय कंपनियों को दुनिया के बड़े कारोबारियों में शामिल करने की कोशिश
प्रधानमंत्री ने भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की जरूरत पर जोर दिया। लक्ष्य केवल भारत के बाजार तक सीमित रहना नहीं, बल्कि दुनिया के बड़े कारोबारी समूहों के बीच भारतीय कंपनियों की मौजूदगी बढ़ाना है।
. 6G में भारत की दावेदारी
5G के बाद अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी यानी 6G को लेकर भी भारत अपनी तैयारी मजबूत कर रहा है। रिसर्च, तकनीकी मानकों और पेटेंट के क्षेत्र में भारत की भूमिका बढ़ाने पर जोर है।
. विकास के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस
प्रधानमंत्री ने विकास की दिशा को कई अहम क्षेत्रों से जोड़ते हुए एक व्यापक विजन रखा। इसमें उत्पादन, कृषि, तकनीक, रक्षा, ऊर्जा, समुद्री अर्थव्यवस्था और भारत की वैश्विक सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
. भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की कोशिश
प्रधानमंत्री ने भारत में बड़े पैमाने पर उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता बताई। लक्ष्य है कि देश की कंपनियां बेहतर गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धी लागत के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाएं।
. 2047 के लक्ष्य में युवा होंगे सबसे अहम
प्रधानमंत्री के पूरे संबोधन में युवा शक्ति एक केंद्रीय विषय रही। AI और नई तकनीक से लेकर खेल, शिक्षा, स्टार्टअप और रोजगार तक युवाओं को भविष्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बनाने का संदेश दिया गया।
क्या है पूरे भाषण का बड़ा संदेश?
लाल किले से प्रधानमंत्री के संबोधन में तत्काल योजनाओं के साथ-साथ लंबी अवधि के लक्ष्य भी दिखाई दिए। एक तरफ युवाओं की स्किलिंग और खेल प्रतिभाओं पर जोर है, तो दूसरी तरफ 6G, सेमीकंडक्टर और परमाणु ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत की क्षमता बढ़ाने की बात है।
यानी सरकार का फोकस केवल आज की जरूरतों पर नहीं, बल्कि 2047 के भारत की आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक ताकत तैयार करने पर भी है।





