रायगढ़ जिले के शासकीय छात्रावासों और आश्रमों में कथित तौर पर पत्रकारों के नाम पर उगाही और दबाव बनाने का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ ने इस संबंध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संघ का आरोप है कि कुछ लोग स्वयं को पत्रकार बताकर छात्रावासों में पहुंचते हैं और छोटी-छोटी कमियां निकालकर उन्हें समाचार के रूप में प्रकाशित करने का दबाव बनाते हुए कथित रूप से पैसों की मांग करते हैं।
खरसिया और धरमजयगढ़ में कथित उगाही का आरोप
संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन के अनुसार, खरसिया और धरमजयगढ़ विकासखंड के अंतर्गत संचालित छात्रावास एवं आश्रम कथित रूप से ऐसे लोगों के निशाने पर हैं। आरोप है कि कुछ लोंग खुद को पत्रकार बताकर बिना किसी अधिकृत अनुमति के छात्रावासों में पहुंचकर निरीक्षण करने लगते हैं। संघ का कहना है कि छात्रावासों में व्यवस्था से जुड़ी छोटी-मोटी कमियों को आधार बनाकर अधीक्षकों पर दबाव बनाया जाता है। कथित तौर पर समाचार प्रकाशित करने अथवा बदनाम करने का भय दिखाकर धनराशि की मांग की जाती है। इससे छात्रावास अधीक्षकों और कर्मचारियों में भय एवं मानसिक दबाव का माहौल बनने का दावा किया गया है।
संघ का सवाल—आखिर किसके आदेश से हो रहा निरीक्षण?
छात्रावास अधीक्षक संघ ने प्रशासन के सामने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि छात्रावासों की निगरानी और निरीक्षण के लिए शासन तथा विभाग के अधिकृत अधिकारी मौजूद हैं। जिला स्तर पर भी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निरीक्षण और कार्रवाई का अधिकार प्राप्त है।ऐसे में यदि कोई व्यक्ति बिना किसी विभागीय अनुमति के स्वयं को पत्रकार या निरीक्षक बताकर छात्रावास में प्रवेश करता है और कर्मचारियों पर दबाव बनाता है, तो उसकी वैधता और उद्देश्य की जांच होना जरूरी है।संघ का कहना है कि यदि किसी छात्रावास में वास्तव में कोई अनियमितता है तो उसकी शिकायत संबंधित विभाग अथवा प्रशासन के समक्ष की जा सकती है और नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन कथित तौर पर मीडिया का नाम लेकर कर्मचारियों पर दबाव बनाना गंभीर विषय है।
कलेक्टर और एसपी से कार्रवाई की मांग, प्रवेश पर रोक लगाने की अपील
मामले को लेकर अब छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। संघ के जिला पदाधिकारियों ने कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि छात्रावासों में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले लोगों की पहचान की जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
सोचने वाली बात हैं की अगर सारी व्यवस्था सही हैं तो फिर अधीक्षकों को डर किस बात का हैं
अशोक कुमार श्रीवास की खास रिपोर्ट








