अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
सद्भावना भवन में आयोजित हुआ गरिमामय कार्यक्रम, पारंपरिक वेशभूषा और लोकनृत्य ने मोहा मन
करतला//विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त 2026 को करतला स्थित सद्भावना भवन में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को समर्पित भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग, जनप्रतिनिधि, समाज प्रमुख, युवा, महिलाएं एवं ग्रामीणजन शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक जीवनशैली की आकर्षक झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करतला सरपंच श्रीमती फूलबाई राठिया ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में जनपद पंचायत कोरबा की अध्यक्ष श्रीमती बीजमोती राठिया एवं जिला पंचायत कोरबा की सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि, समाज प्रमुख एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
पारंपरिक वेशभूषा और लोकनृत्य रहा आकर्षण का केंद्र
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में आदिवासी समाज की पारंपरिक वेशभूषा विशेष आकर्षण का केंद्र रही। महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों ने पारंपरिक परिधान धारण कर अपनी सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम स्थल पर लोकगीत, लोकनृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को उत्साह और उमंग से भर दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी समाज की पुरातन परंपराओं, लोककला और सामुदायिक जीवन की झलक प्रस्तुत की गई। उपस्थित लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और कार्यक्रम का आनंद लिया। आयोजन में युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष रूप से जीवंत बना दिया।
संस्कृति और विरासत के संरक्षण पर दिया जोर
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराएं देश की विविधता और समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आधुनिकता के दौर में अपनी सांस्कृतिक पहचान, लोकपरंपराओं, रीति-रिवाजों और सामाजिक मूल्यों को संरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है।
वक्ताओं ने आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास और योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों, परंपराओं और संस्कृति से जोड़ना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही समाज के अधिकारों, शिक्षा, विकास और सामाजिक जागरूकता को लेकर भी एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।
आदिवासी संस्कृति हमारी पहचान और गौरव : फूल सिंह राठिया
मुख्य अतिथि रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया ने विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासी संस्कृति केवल एक समुदाय की पहचान नहीं, बल्कि देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की परंपराएं, लोककला, रीति-रिवाज और प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली समाज की विशिष्ट पहचान हैं।
उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सामाजिक एकता, शिक्षा, जागरूकता और विकास के लिए मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
सामाजिक एकता और भाईचारे का दिया संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज में आपसी भाईचारे, एकता और सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए सभी वर्गों और पीढ़ियों को साथ लेकर चलना आवश्यक है। युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने और शिक्षा के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
आयोजन के दौरान उपस्थित समाज प्रमुखों एवं जनप्रतिनिधियों ने आदिवासी समाज के हितों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने की बात कही।
बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में करतला क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीणजन पहुंचे। महिलाओं, युवाओं और समाज के वरिष्ठजनों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। आयोजन स्थल पर पूरे दिन उत्साह और सामाजिक एकजुटता का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम के अंत में सामाजिक एकता, भाईचारे और आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण का संकल्प लिया गया। आयोजन ने न केवल आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती से सामने रखा, बल्कि समाज में एकता और आपसी सहयोग का संदेश भी दिया।
विश्व आदिवासी दिवस का यह आयोजन करतला क्षेत्र में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता के भव्य प्रदर्शन के रूप में यादगार रहा।










