बहेड़ी। बहेड़ी कस्बे के निवासी मोहम्मद शोएब, पुत्र लाइक अहमद, जो भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) में प्रदेश महासचिव (तराई) के पद पर कार्यरत थे, की गुरुवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर से परिजनों, शुभचिंतकों और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, 5 अगस्त की रात मोहम्मद शोएब सहित तीन युवकों की तबीयत बिगड़ गई थी। इनमें नदीम खान उर्फ टार्जन पुत्र शकील खान की हालत रात में ही गंभीर हो गई थी, जबकि मोहम्मद शोएब की तबीयत 6 अगस्त की सुबह अचानक अधिक बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं नदीम खान उर्फ टार्जन तथा एक अन्य युवक नदीम की हालत गंभीर बनी हुई है और दोनों का इलाज बरेली के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
सूत्रों के अनुसार, घटना से पहले तीनों युवक एक साथ थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि अत्यधिक नशे के सेवन के चलते यह घटना हुई हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक पुलिस अथवा स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
घटना की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर हो जाने के कारण उसी समय पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के जिला अध्यक्ष दुर्गेश मौर्य अपनी टीम के साथ अधिकारियों से मिले और आवश्यक कार्रवाई कराते हुए देर रात पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई। पोस्टमार्टम के बाद देर रात शव परिजनों को सौंप दिया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
अस्पताल में भारतीय किसान यूनियन टिकैत के प्रदेश सचिव दानिश बाबा भी पहुंचे। वहीं समाजसेवी समीर, इस्लाम उर्फ वीरान, यूनुस अंसारी सहित अनेक लोगों ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार का सहयोग किया और हरसंभव मदद की।
भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के जिला अध्यक्ष दुर्गेश मौर्य ने कहा कि संगठन इस दुख की घड़ी में मोहम्मद शोएब के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और हरसंभव सहयोग करता रहेगा।
घटना के बाद क्षेत्र में अवैध नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर लोगों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नशे के कारोबार पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो शायद इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था। हालांकि, फिलहाल यह केवल स्थानीय चर्चाओं और सूत्रों पर आधारित बात है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के वास्तविक कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच पूरी होने के बाद ही होगा।







