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चित्रकूट: डीएम के प्रयास से निराश्रित बच्ची को मिला नया परिवार, 4 साल के इंतजार के बाद दंपति की गोद हुई खुशियों से आबाद

ब्यूरो संजय मिश्रा चित्रकूट
जनपद चित्रकूट में बाल संरक्षण और निराश्रित बच्चों के पुनर्वासन के क्षेत्र में आज एक और महत्वपूर्ण कानूनी सफलता मिली है।किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 एवं दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 के अंतर्गत संचालित ‘विशेषीकृत राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई’ (SAA) के माध्यम से आज दूसरी बार एक बच्ची को कानूनी रूप से गोद (अडॉप्ट) दिए जाने की विधिक प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।
जिलाधिकारी चित्रकूट पुलकित गर्ग के कुशल निर्देशन एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी सुश्री प्रगति गुप्ता के कुशल पर्यवेक्षण में आज दिनांक 31 जुलाई, 2026 को कलेक्ट्रेट कार्यालय में इस विधिक प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। जिलाधिकारी महोदय ने कलेक्ट्रेट में आए भावी दत्तक माता-पिता (PAPs) से आवश्यक पूछताछ की और सभी कानूनी व प्रशासनिक दस्तावेजों का गहन सत्यापन करने के बाद एक आधिकारिक आदेश के तहत बच्ची को उनके सुपुर्द किया। जिलाधिकारी ने बच्ची के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए नए माता-पिता को हार्दिक बधाई दी।
उल्लेखनीय है कि इस योग्य दंपत्ति ने वर्ष 2022 में ऑनलाइन आवेदन किया था। पिछले 4 वर्षों के लंबे इंतजार और धैर्य के बाद आज जिलाधिकारी महोदय के विधिक आदेश से इस परिवार का सपना साकार हुआ और उनके आंगन में एक नई किलकारी गूंजी। बच्ची को अपने आंचल में पाकर अभिभावकों को बहुत खुशी हुई।
इस महत्वपूर्ण विधिक कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने में संरक्षण अधिकारी सौरभ सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर प्रशांत एवं विशेषीकृत राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई (SAA) के अधीक्षक कमलेश रैक्वार उपस्थित रहे, जिनके सहयोग से यह पूरी प्रक्रिया सुगमता से संपन्न हुई।

कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने की सही प्रक्रिया
इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी सुश्री प्रगति गुप्ता ने आम जनमानस को जागरूक करते हुए पुनः स्पष्ट किया कि किसी भी अस्पताल, नर्सिंग होम या सीधे किसी व्यक्ति से बच्चा लेना पूर्णतः गैर-कानूनी और गंभीर दंडनीय अपराध है। सरकार ने गोद लेने की पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया है। इच्छुक माता-पिता को केवल आधिकारिक पोर्टल www.cara.wcd.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है।
यदि कहीं भी कोई लावारिस, अनाथ या छोड़ा गया बच्चा मिले तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या जिला प्रोबेशन कार्यालय/बाल कल्याण समिति (CWC) को सूचित करें, ताकि उसे विधिक प्रक्रिया के जरिए एक सुरक्षित और कानूनी परिवार मिल सके।

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