बरेली। थाना भोजीपुरा पुलिस ने गौकशी की तैयारी कर रहे दो आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक आरक्षी गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें दबोच लिया गया। मौके से एक जीवित बैल को सुरक्षित मुक्त कराया गया। साथ ही दो अवैध तमंचे, कारतूस और गौकशी में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किए गए। घायल पुलिसकर्मी और दोनों आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
हाईवे क्षेत्राधिकारी (सीओ) देवेश सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भोजीपुरा पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। इसी क्रम में 20 और 21 जुलाई की दरमियानी रात पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली कि मुड़िया हाफिज गांव के पास खेत में दो वांछित आरोपी एक गौवंशीय पशु को काटने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना भोजीपुरा पुलिस ने तत्काल मौके की घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, आरोपियों ने खुद को घिरता देख बचने के लिए पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी में पुलिस टीम के आरक्षी लक्की के हाथ में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और वे मौके पर ही घायल होकर गिर पड़े। पुलिस ने दोनों को तत्काल हिरासत में लेकर अस्पताल भिजवाया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दानिश (27 वर्ष) और फईम (30 वर्ष) निवासी धौराटांडा के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से दो अवैध तमंचे, दो जीवित कारतूस, दो खोखा कारतूस तथा गौकशी में प्रयुक्त छुरियां, बांका, दांव, लकड़ी का गुटका और रस्सियां बरामद की गईं। पुलिस ने मौके पर पेड़ से बंधे एक जीवित बैल को भी सुरक्षित मुक्त कराया, जिसे आरोपियों द्वारा काटने की तैयारी की जा रही थी।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से गौवंशीय पशुओं की हत्या कर उनके मांस की तस्करी करते थे। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पहले भी गोवध से जुड़े मामलों में वांछित रहे हैं और उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा गौमांस की तस्करी का नेटवर्क किन क्षेत्रों तक फैला हुआ है।
सीओ हाईवे देवेश सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ थाना भोजीपुरा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा आयुध अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में गौकशी, पशु तस्करी और संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस को जहां भी इस प्रकार की गतिविधियों की सूचना मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
मुठभेड़ के बाद घटनास्थल का निरीक्षण वरिष्ठ अधिकारियों ने भी किया। पुलिस ने मौके से सभी साक्ष्य एकत्र कर उन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा है। बरामद हथियारों और अन्य सामान को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं घायल आरक्षी लक्की की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं गौकशी, पशु तस्करी या अन्य किसी आपराधिक गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि अपराधियों के खिलाफ समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।






