बरेली के फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के गांव टिटौली में पांच वर्ष पुराने भूमि विवाद ने उस समय खतरनाक मोड़ ले लिया, जब जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा नेत्री ममता गंगवार तथा पीड़ित किसान कांता प्रसाद गंगवार ने राजस्व टीम के सामने आत्मदाह का प्रयास कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। घटना के दौरान मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
गांव निवासी कांता प्रसाद गंगवार का आरोप है कि गाटा संख्या 232 की उनकी भूमि का एक हिस्सा सड़क निर्माण में चला गया, जबकि बची हुई भूमि पर पड़ोसी द्वारा कब्जा कर लिया गया। उनका कहना है कि वह पिछले पांच वर्षों से प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाकर न्याय की मांग कर रहे थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। जिला पंचायत सदस्य ममता गंगवार भी लंबे समय से उनके पक्ष में प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रही थीं।
एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार आशीष कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम ने करीब एक घंटे तक भूमि की पैमाइश की, लेकिन मौके पर कोई ठोस निस्तारण नहीं हो सका। आरोप है कि जब राजस्व टीम वापस लौटने लगी तो इससे नाराज होकर कांता प्रसाद और ममता गंगवार ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया और आत्मदाह का प्रयास किया।
घटना को देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए दोनों के हाथों से पेट्रोल की बोतल छीन ली और पानी डालकर आत्मदाह की कोशिश को विफल कर दिया। इसके बाद दोनों मौके पर धरने पर बैठ गए और भूमि विवाद के तत्काल समाधान की मांग करने लगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग ने दोबारा पैमाइश शुरू कराई। कानूनगो, लेखपालों ने करीब तीन घंटे तक भूमि की माप-जोख कर विवादित भूमि की निशानदेही की। हालांकि खेत में खड़े पॉपुलर के पेड़ों के कारण तत्काल कब्जा नहीं दिलाया जा सका।
घटना के बाद पूरे गांव में चर्चा का माहौल बना रहा। प्रशासन ने मामले के शांतिपूर्ण समाधान का भरोसा दिलाते हुए राजस्व प्रक्रिया पूरी कर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।






