नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल गुरुवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गई। लगातार उपवास के चलते उनका वजन करीब 9 किलोग्राम तक घट चुका है, जिसके बाद डॉक्टरों ने उनकी सेहत को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
मेडिकल टीम की निगरानी में चल रहे स्वास्थ्य परीक्षणों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन न लेने की वजह से शरीर में कमजोरी और मांसपेशियों पर असर पड़ने लगा है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक जारी रहती है तो शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद सोनम वांगचुक ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने देशभर के लोगों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि जनहित के मुद्दों पर नागरिकों की भागीदारी बेहद जरूरी है।
वांगचुक ने समर्थकों से आगामी कार्यक्रमों और जन अभियानों में शामिल होने का आह्वान किया और कहा कि संघर्ष केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे लाखों लोगों का है।
उधर, उनकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिस पर सुनवाई के दौरान सरकार से उनके स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर जवाब मांगा गया है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी है। आने वाले दिनों में उनकी सेहत और इस आंदोलन की दिशा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
19 दिन की भूख हड़ताल के बाद कमजोर पड़े सोनम वांगचुक 9 किलो घटा वजन; देशवासियों से की बड़ी अपील…..






