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कोठाली गांव में आधी रात को भालू घुसा; खुलेआम घूमने और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की अनदेखी से गांववालों में डर

गांव ज्ञान गंगा सैंक्चुअरी के पास होने की वजह से जंगली जानवरों का खुला घूमना बढ़ गया है; लोगों ने रेस्क्यू टीम और पिंजरा लगाने की मांग की

मोटाला, तालुका के कोठाली गांव में 14/7/2026 को सुबह 1:30 से 2:00 बजे के बीच अचानक एक भालू गांव की मेन सड़क पर आ गया, जिससे गांववालों में डर फैल गया। गांव के कुछ इलाकों में बस स्टेशन से पानी की टंकी के पास इमरान शाह की क्वालिटी ग्रोसरी शॉप के पास एक भालू घूमता हुआ देखा गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने सुरक्षा कारणों से अपने घरों से बाहर न निकलने का फैसला किया, जबकि घटना की सूचना तुरंत फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को दी गई। हालांकि, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की तरफ से समय पर और कोई ठोस जवाब न मिलने से गांववाले नाराज़ हैं।

कोथली गांव ज्ञान गंगा सेंक्चुरी और बोथा फॉरेस्ट एरिया के बॉर्डर पर होने की वजह से इस इलाके में जंगली जानवरों का खुला घूमना-फिरना हमेशा देखा जाता है। गांव वालों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में जंगल में खाने-पीने की तलाश में भालू, तेंदुए और दूसरे जंगली जानवरों के बस्तियों की तरफ आने की घटनाएं बढ़ी हैं। जंगली जानवरों की इस बढ़ती आवाजाही और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की अनदेखी की वजह से गांव वालों में असुरक्षा की भावना और बढ़ गई है।

कुछ महीने पहले, इलाके में एक तेंदुए के रोही हिरण का शिकार करने की घटना सामने आई थी। जंगली जानवरों के किसानों के पालतू जानवरों जैसे बकरियों, भेड़ों और गायों पर हमला करने की घटनाएं भी हुई हैं। इससे किसानों और गांव वालों में डर का माहौल बन गया है और रात में लोगों की सुरक्षा का सवाल सामने आ गया है। इन लगातार हो रही घटनाओं की वजह से गांव में चर्चा है कि फॉरेस्ट डिपार्टमेंट जंगली जानवरों के खुले घूमने-फिरने को रोकने में नाकाम हो रहा है।

चूंकि जंगली जानवर अक्सर गांव में घुस रहे हैं, इसलिए लोगों ने फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से तुरंत और असरदार कदम उठाने की मांग की है। गांववालों ने मांग की है कि भालू और दूसरे जंगली जानवरों को सुरक्षित पकड़ने के लिए एक ट्रेंड रेस्क्यू टीम भेजी जाए, जहां ज़रूरी हो वहां पिंजरे लगाए जाएं और रात में रेगुलर पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। गांववालों ने यह भी डर जताया है कि जंगली जानवरों के खुले घूमने और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की अनदेखी की वजह से भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

कोथली के गांववाले जंगली जानवरों की सुरक्षा और लोगों की सुरक्षा, दोनों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

मो आकील बुलढाणा

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