सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक का अनशन लगातार 17वें दिन भी जारी है। लंबे समय से भोजन त्यागने के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ने लगा है और बताया जा रहा है कि इस दौरान उनका वजन करीब 8.5 किलोग्राम तक कम हुआ है।
आंदोलन से जुड़े संगठनों और समर्थकों का कहना है कि उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इसी बीच कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं ने सरकार से इस मुद्दे पर बातचीत शुरू करने की मांग उठाई है।
विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं ने भी सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अपना अनशन समाप्त करने की अपील की है। उनका कहना है कि किसी भी आंदोलन की सफलता के लिए आंदोलनकारी का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है।
फिलहाल सभी की नजरें सरकार की अगली प्रतिक्रिया और आंदोलन की आगामी रणनीति पर टिकी हुई हैं।





