झालावाड़ से ब्यूरो चीफ आसिफ शेरवानी की रिपोर्ट
बी.टेक ही नहीं, आईआईटी के और भी रास्ते—कम रैंक में भी बन सकता है बड़ा करियर
✍️ डॉ नयन प्रकाश गांधी इंटरनेशनल एनएलपी लाइफ करियर कोच ,मैनेजमेंट विश्लेषक पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट
जेईई में स्कोर के आधार पर बीटेक में प्रवेश की प्रक्रिया जटिल और लंबी है ,आज सवाल यह बना हुआ है कि अगर आईआईटी में जेईई आल इंडिया रेंक कम हो तो बीटेक के अलावा आईआईटी इंस्टीट्यूट में ही और कौनसे कोर्सेज है जहां अपेक्षाकृत कम रैंक वाले भी छात्र अपने इच्छित आईआईटी से बैचलर मास्टर डिग्री का स्वप्न पूर्ण कर सकते है ।बारहवीं के बाद अधिकांश विद्यार्थियों का सपना (आईआईटी) में प्रवेश लेकर बीटैक करना होता है। लेकिन हर वर्ष लाखों अभ्यर्थियों और सीमित सीटों के कारण यह लक्ष्य सभी के लिए संभव नहीं हो पाता। ऐसे में कई छात्र निराश होकर यह मान लेते हैं कि अब आईआईटी का रास्ता बंद हो गया। जबकि वास्तविकता यह है कि आईआईटी केवल इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं हैं,यहां विज्ञान, अनुसंधान और बहु-विषयक अध्ययन मल्टीडिस्पीलीनरी कोर्सेज के भी सशक्त विकल्प उपलब्ध हैं, जो विद्यार्थियों को समान रूप से उत्कृष्ट करियर प्रदान कर सकते हैं। इंटरनेशनल एनएलपी लाइफ करियर कोच डॉ नयन प्रकाश गांधी का मानना है कि परीक्षा मे जेईई मेन और एडवांस्ड के एक्जाम के बाद अपेक्षित प्रदर्शन न हो पाने पर या बीटेक डिग्री कोर्स में प्रवेश हेतु इच्छित रैंक में नहीं आने पर घबराना या निराश होना समाधान नहीं है। विद्यार्थियों को किसी भी परिस्थिति में तनाव को इतना हावी नहीं होने देना चाहिए कि वे गलत कदम उठाने की ओर बढ़ें। जीवन की एक परीक्षा कभी भी अंतिम सत्य नहीं होती। ऐसे समय में परिवार, शिक्षक और मार्गदर्शकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, जो बच्चों को यह समझाएं कि असफलता नहीं, बल्कि विकल्पों की पहचान ही सफलता की ओर ले जाती है।सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि आईआईटी में किसी भी स्नातक स्तर के कोर्स ,चाहे वह बीटेक हो या बीएस एमएस आदि सभी प्रमुख कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को दो चरणों की प्रतियोगी परीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होता है,पहले जेईई मेन और उसके बाद जेईई एडवांस में प्राप्त रैंक के आधार पर ही विभिन्न कोर्स और संस्थान आवंटित किए जाते हैं। लगातार फिर भी जब बेहतरीन कोचिंग संस्थानों से तैयारी करने के बावजूद जब आपकी इच्छित रैंक नहीं आ पा रही है तो अपेक्षाकृत कम रैंक में प्रत्येक स्टूडेंट्स को किसी भी हालत में आईआईटी में मौजूद अन्य बेहतरीन विकल्पों को मिस्ड नहीं करना चाहिए ,क्योंकि वर्ष दर वर्ष प्रतियोगी माहौल बढ़ता है इसलिए बेहतर है कि स्टूडेंटस को चाहिए अपेक्षाकृत कम रैंक में मौजूद अगर उन्हें आसानी से बीएस और इंटीग्रेटेड बीएस एमएस जैसे वैकल्पिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से भी आईआईटी में प्रवेश ले लेना चाहिए,जो कि किसी उच्च अवसर से कम नहीं है ,आज के दौर में करियर की परिभाषा तेजी से बदल रही है। केवल इंजीनियरिंग ही नहीं, बल्कि रिसर्च, डेटा साइंस और इनोवेशन आधारित क्षेत्रों में भी अपार संभावनाएं हैं। यही कारण है कि बीएस और बीएस-एमएस जैसे कोर्स वैश्विक स्तर पर तेजी से महत्व प्राप्त कर रहे हैं और रिसर्च संस्थानों, तकनीकी उद्योग और डेटा आधारित क्षेत्रों में बी.टेक से कई ज्यादा प्रतिष्ठित करियर देश के आईआईटी संस्थानों में संचालित इन कोर्सेज में बन रहे है ।कहने का तात्पर्य यह है कि किसी एक परिणाम को अंतिम मानकर निराश होना उचित नहीं है।यदि किसी विद्यार्थी को बीटेक, विशेषकर अत्यधिक प्रतिस्पर्धी शाखाओं में प्रवेश नहीं मिल पाता, तब भी उसके लिए आईआईटी में अन्य विकल्प के रूप में आईआईटी में BS (बैचलर ऑफ साइंस), इंटीग्रेटेड BS-MS (बैचलर + मास्टर ड्यूल डिग्री) और विभिन्न इंटरडिसिप्लिनरी प्रोग्राम मौजूद है ,जिनमें करियर आसानी से बनाकर उच्च प्रतिष्ठित कंपनीज में जॉब प्राप्त किया जा सकता है । यह ध्यान रखना आवश्यक है कि इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश “कम स्कोर” के आधार पर नहीं, बल्कि तुलनात्मक रूप से कम रैंक पर संभव होता है। इन कोर्सों की विशेषता यह है कि इनमें शोध,विश्लेषणात्मक सोच और गहन विषय समझ पर बल दिया जाता है। भौतिकी, रसायन, गणित, डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को मजबूत आधार प्रदान करते हैं, जिससे वे उच्च शिक्षा एमएससी पीएचडी रिसर्च संस्थानों और आधुनिक तकनीकी उद्योगों में अपना करियर बना सकते है ।इसके अतिरिक्त, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस जैसे संस्थान भी बीएस (रिसर्च) कार्यक्रम प्रदान करते हैं, जहां प्रवेश जेईई मेन ,एडवांस के रैंकिंग मार्क्स एवं अन्य मापदंडों के आधार पर होता है। यदि बी.टेक में प्रवेश नहीं मिला है, तो यह अंत नहीं, बल्कि दिशा बदलने का अवसर है। सही जानकारी, सकारात्मक सोच और धैर्य के साथ विद्यार्थी न केवल आईआईटी तक पहुंच सकते हैं, बल्कि अपने लिए एक सशक्त और उज्ज्वल करियर भी बना सकते हैं।याद रखें,सफलता का रास्ता एक नहीं होता, बस सही दिशा में कदम बढ़ाना जरूरी होता है।







