“मैं ठाकुर हूं… ऐसी-तैसी कर दूंगी…”एक बैंक के अंदर कथित तौर पर बोले गए इन शब्दों ने अब बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।मामला तब सुर्खियों में आया जब आस्था नाम की महिला का वीडियो सामने आया, जिसमें उन पर बैंक कर्मियों से बहस और धमकी देने का आरोप लगा। बताया जा रहा है कि बैंक में किसी काम को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद जातिसूचक रौब दिखाने की बात सामने आई।वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने इसे सत्ता और जाति के दुरुपयोग का मामला बताया, तो कुछ ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।इसी बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया। आस्था के पति के सम्मान में उनकी पत्नी सामने आईं और कहा— “मैं भी ब्राह्मण हूं।” इस बयान के बाद मामला और गरमा गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या किसी भी सार्वजनिक जगह पर जाति के नाम पर दबाव बनाना सही है?सूत्रों के मुताबिक बैंक प्रशासन ने पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। वहीं स्थानीय स्तर पर भी शिकायत की बात सामने आ रही है।घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या आधुनिक समाज में जातीय पहचान को इस तरह सार्वजनिक विवाद का हथियार बनाया जाना चाहिए?फिलहाल मामले की जांच जारी है। आधिकारिक बयान का इंतजार है।






