मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से बातचीत के बाद इस मामले में बड़ा कदम उठाते हुए सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है। सीएम धामी ने कहा कि घटना सामने आते ही राज्य सरकार ने बिना देरी किए संवेदनशील और निष्पक्ष कार्रवाई की। महिला आईपीएस अधिकारी की अगुवाई में एसआईटी बनाई गई, सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया गया और सरकार की ओर से अदालत में मजबूत पैरवी की गई, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
अंकिता भंडारी की हत्या 18 सितंबर 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में की गई थी और उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था, जो एक हफ्ते बाद बरामद हुआ। लंबी जांच और सुनवाई के बाद मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा हुई। हालांकि, अब भी सबसे बड़ा सवाल वही है—जिस “वीआईपी” के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था, उसकी पहचान आज तक सामने क्यों नहीं आ सकी।






