हरियाणा के रोहतक से एक शर्मनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। महार्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) में काम करने वाली कुछ महिला कर्मचारियों ने अपने सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिलाओं का कहना है कि देर से आने पर जब उन्होंने ‘मासिक धर्म’ (periods) की बात कही, तो सुपरवाइजर ने उनसे सबूत मांग लिए। आरोप है कि एक महिला कर्मचारी से कपड़े उतरवाकर सैनिटरी पैड दिखाने तक को कहा गया। इतना ही नहीं पैड की फोटो तक खींची गई, ताकि ये साबित किया जा सके कि महिला झूठ नहीं बोल रही है।
महिलाओं ने दी शिकायत, यूनिवर्सिटी प्रशासन में मचा हड़कंप
पीड़ित महिलाओं ने यह शिकायत यूनिवर्सिटी प्रशासन को दी है। उन्होंने साफ कहा है हमें अपमानित किया गया, हमारी गरिमा को तार-तार किया गया।”
प्रशासन ने इस घटना को गंभीर बताते हुए जांच कमेटी गठित करने की बात कही है। सूत्रों के मुताबिक, तीन से चार महिला कर्मचारी इस उत्पीड़न का शिकार हुई हैं। उनका कहना है कि सुपरवाइजर ने यह सब इसलिए किया ताकि यह साबित हो सके कि महिलाएं झूठ बोलकर काम से बचती हैं। कई महिला संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सुपरवाइजर की तत्काल गिरफ्तारी और यूनिवर्सिटी में महिला सुरक्षा सेल के गठन की मांग की है।
महिला आयोग से भी इस मामले में स्वयं संज्ञान लेने की अपील की गई है।






