अमेरिका जाने वाले भारतीयों के लिए हालात अचानक बिगड़ गए हैं। एक ओर H-1B वीज़ा की फीस बढ़ने से आईटी प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स पहले ही मुश्किल में थे, वहीं अब ट्रंप के MAGA सपोर्टर्स ने नया खेल रच दिया है।
सीटें ब्लॉक करने का ऑनलाइन कैंपेन
सोशल मीडिया पर फैले कैंपेन को नाम दिया गया – “Operation Clog the Toilet”। इस मुहिम के तहत बड़ी संख्या में अमेरिकी ट्रंप समर्थकों ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स की सीटें फर्जी बुकिंग के जरिए ब्लॉक कर दीं। इसका सीधा असर यह हुआ कि टिकट की डिमांड अचानक बढ़ गई और कीमतें कई गुना तक चढ़ गईं।
टिकट दाम में लगी आग
एयरलाइन इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का कहना है कि दिल्ली और मुंबई से न्यूयॉर्क, शिकागो और सैन फ्रांसिस्को जाने वाले टिकट सामान्य से लगभग दो गुना महंगे हो गए। कई यात्रियों को इमरजेंसी ट्रैवल कैंसिल करना पड़ा।
कंपनियों ने मंगाए कर्मचारी
इस बीच, अमेरिकी कंपनियों ने वीज़ा फीस में आई बढ़ोतरी के बाद अपने विदेश में तैनात कर्मचारियों को तुरंत वापस बुलाने का आदेश दिया था। कई भारतीय प्रोफेशनल्स को दो दिन के भीतर अमेरिका लौटना था, लेकिन टिकट संकट के चलते वे फंस गए।
एक्सपर्ट्स की राय
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कैंपेन सिर्फ भारतीयों को रोकने की कोशिश नहीं है, बल्कि इसे इलेक्शन पॉलिटिक्स से भी जोड़कर देखा जा रहा है। ट्रंप समर्थक विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका की नौकरी छीनने वाला मानते हैं और इसी मानसिकता से यह डिजिटल प्रोटेस्ट खड़ा किया गया।
नतीजा क्या?
अब सवाल उठ रहा है कि क्या एयरलाइंस और अमेरिकी प्रशासन इस तरह की ऑनलाइन साजिशों पर नकेल कस पाएंगे या भारतीय यात्रियों को महंगे टिकट और मुश्किल ट्रैवल झेलना पड़ेगा?






