तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और इसी बीच एआईएडीएमके के भीतर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री केए सेंगोट्टइयान ने साफ शब्दों में कहा कि अब वक्त आ गया है जब पार्टी से बाहर किए गए नेताओं को वापस लाना चाहिए। इरोड में पार्टी कार्यकर्ताओं से भरे मंच पर उन्होंने पलानीस्वामी को अल्टीमेटम दिया कि 10 दिनों के भीतर फैसला लें, वरना वे खुद कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। उनकी इस पहल को निष्कासित नेता शशिकला का भी समर्थन मिल चुका है, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्मा गया है।
अलग मोर्चे के संकेत, कार्यकर्ताओं में बढ़ी बेचैनी
सेंगोट्टइयान ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर पार्टी को 2026 के चुनाव में जीत हासिल करनी है, तो एकजुट रहना ही विकल्प है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर आलाकमान ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वे समान सोच वाले नेताओं के साथ मिलकर निष्कासित चेहरों को खुद वापस लाएंगे। उनके इस बयान ने न सिर्फ पार्टी की अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया, बल्कि अलग मोर्चे की संभावना भी जता दी। ऐसे में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच यह सवाल गूंज रहा है कि क्या एआईएडीएमके वाकई एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरेगी या फिर भीतर से बिखर जाएगी।






