Home / Politics / एक्शन मोड में नीतीश सरकार हवाई अड्डा से लेकर पेंशन तक 30 प्रस्ताव मंजूर

एक्शन मोड में नीतीश सरकार हवाई अड्डा से लेकर पेंशन तक 30 प्रस्ताव मंजूर

बिहार चुनाव 2025: नीतीश कैबिनेट का बड़ा दांव, हवाई अड्डों से लेकर पेंशन तक, 30 प्रस्तावों को मिली मंजूरी
वरीय संवाददाता : फरहान अहमद ,पटना, 13 अगस्त: बिहार विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े और लोकलुभावन फैसले लिए हैं। राजधानी पटना में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में कुल 30 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिनका सीधा असर बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और सामाजिक कल्याण पर पड़ेगा। इन फैसलों को चुनाव से पहले जनता को साधने की एक बड़ी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी पर जोर
राजधानी पटना को जाम से राहत देने और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए, कैबिनेट ने मीठापुर फ्लाईओवर को चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर (वाया करबिगहिया) से जोड़ने की महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी है। इस परियोजना के लिए 292 करोड़ 74 लाख 4 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

उड्डयन क्षेत्र में बड़ी उड़ान
राज्य में हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक साथ छह जिलों में नए ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे बनाने का बड़ा फैसला किया है। ये हवाई अड्डे वीरपुर, मुंगेर, बाल्मीकि नगर, मुजफ्फरपुर, सहरसा और भागलपुर में विकसित किए जाएंगे। इसके लिए Obstacle Limitation Surfaces (OLS) सर्वे कराने हेतु 2 करोड़ 90 लाख 91 हजार 720 रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

इसके अलावा, गया हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 18.2442 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है। साथ ही, खराब मौसम में भी विमानों का परिचालन सुचारू रूप से जारी रखने के लिए वहां CAT-1 लाइटिंग सिस्टम लगाने का भी निर्णय लिया गया है।

औद्योगिक विकास और रोजगार
सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर परियोजना के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही राज्य में 6 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

कर्मचारियों और सामाजिक कल्याण के लिए घोषणाएं
चुनावी साल में कर्मचारियों को खुश करते हुए सरकार ने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और सुपरवाइजर का वेतन बढ़ाने का फैसला किया है। वहीं, प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालयों में 469 निम्नवर्गीय लिपिक (LDC) पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है।

सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए, जेपी आंदोलन के दौरान जेल गए सेनानियों की सम्मान पेंशन में दोगुनी बढ़ोतरी की गई है। अब एक से छह महीने तक जेल में रहे लोगों को 15,000 रुपये (पहले 7,500) और छह महीने से अधिक जेल में रहे लोगों को 30,000 रुपये (पहले 15,000) मासिक पेंशन मिलेगी।

इन बड़े फैसलों के साथ ही, बिहार विधान मंडल के सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन नियमावली 2006 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। चूंकि इस साल के अंत में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए सरकार के इन ताबड़तोड़ फैसलों को सीधे तौर पर चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

Tagged:
[post-views]
Share
Now