उत्तर प्रदेश के एक गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सहजराम के घर में उनके 12 वर्षीय बेटे किशन का शव रस्सी से बांस में लटका मिला। किशन रामरति इंटर कॉलेज में कक्षा 7 का छात्र था और परिवार में उसकी मां पहले ही नहीं रही थी।
घटना का विवरण
घटना सुबह 6 बजे के करीब हुई। किशन ने स्कूल जाने से पहले पिता से कहा कि घर पर मट्ठा रखा है और चावल खाकर वह स्कूल जाएगा। जब सहजराम सुबह 8:30 बजे घर लौटे, तो उन्होंने अपने बेटे को बांस में लटका पाया, नीचे चारपाई पर ईंट रखी हुई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई। किशन के गले पर चोट के निशान मिले, जिससे पता चलता है कि पहले उसे मारा गया और फिर लटकाया गया।
पुलिस जांच और पूछताछ
घटना के बाद पुलिस ने सहजराम, किशन की सौतेली मां नीतू, उसकी बेटी पारो, नीतू के पति और बहन आशा से पूछताछ की। सहजराम ने पड़ोसियों पर हत्या का आरोप लगाया, लेकिन पुलिस जांच में फिलहाल कोई ठोस सबूत नहीं मिला। थाना प्रभारी राम आशीष उपाध्याय ने बताया कि जांच जारी है और सबूत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों का गुस्सा
पांच दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर शनिवार को किशन के परिवार ने द्वारिकागंज चौकी का घेराव कर प्रदर्शन किया। बहन आशा देवी ने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए और पुलिस पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाया।
यह दुखद घटना पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने परिवार को भरोसा दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।






