बांका। न्याय को सरल, सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में व्यवहार न्यायालय, बांका ने एक और सराहनीय पहल करते हुए शनिवार को स्पेशल लोक अदालत का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्य भूषण आर्य ने दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय धर्मेंद्र झा तथा एसीजेएम-तृतीय अविनाश कुमार की गरिमामय उपस्थिति रही।
यह स्पेशल लोक अदालत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) की धारा 138 (चेक बाउंस) से संबंधित लंबित मामलों का आपसी सुलह एवं समझौते के आधार पर त्वरित निष्पादन करना था। लोक अदालत में चेक बाउंस से जुड़े कुल 5 लंबित वादों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। इन मामलों में 8 लाख 91 हजार रुपये की सेटलमेंट राशि पर पक्षकारों के बीच समझौता हुआ, जिससे न केवल न्यायालय का समय बचा बल्कि संबंधित पक्षों को भी शीघ्र न्याय और अनावश्यक मुकदमेबाजी से राहत मिली।
व्यवहार न्यायालय, बांका द्वारा आयोजित यह स्पेशल लोक अदालत न्यायपालिका की जनहितकारी सोच और वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली को मजबूत करने का उत्कृष्ट उदाहरण है। न्यायालय का यह प्रयास समाज में सौहार्दपूर्ण वातावरण स्थापित करने के साथ-साथ लोगों को कम समय और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में अत्यंत प्रशंसनीय है।
बांका व्यवहार न्यायालय की यह उपलब्धि न्यायपालिका की संवेदनशीलता, पारदर्शिता और न्याय के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ऐसे आयोजन आम नागरिकों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत करते हैं। मनोरंजन प्रसाद, ब्यूरो चीफ, बांका।








