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बजट सत्र का चौथा दिन: बिलाईगढ़ में साइंस पार्क और डिजिटल सुविधा पर सरकार घिरी

बलौदा बाजार से राजेश कुमार बघेल की रिपोर्ट

विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक चेतना के विकास, बिलाईगढ़ में साइंस पार्क की स्थापना तथा सोनाखान जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी की कमी जैसे मुद्दों को मजबूती से सदन में रखा।

बिलाईगढ़ के लिए कोई ठोस योजना नहीं

विधायक श्रीमती लहरे ने प्रश्न क्रमांक 541 के माध्यम से जानना चाहा कि क्या बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र के शासकीय स्कूलों या महाविद्यालयों में मिनी साइंस सेंटर या “साइंस पार्क” स्थापित करने का कोई प्रस्ताव है। साथ ही उन्होंने बिलाईगढ़ और सरसींवा के लिए बनाई गई योजनाओं की जानकारी भी मांगी।

सरकार की ओर से उप मुख्यमंत्री (गृह) श्री विजय शर्मा ने जवाब देते हुए बताया कि प्रदेश में विज्ञान लोकप्रियकरण की विभिन्न योजनाएं संचालित हैं, जिनमें लघु शोध परियोजना, संगोष्ठी, विज्ञान मेला, मोबाइल साइंस लैब, प्लैनेटेरियम, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस, सामुदायिक विज्ञान क्लब आदि शामिल हैं।

लेकिन जब विशेष रूप से बिलाईगढ़ क्षेत्र में साइंस पार्क स्थापना की बात आई, तो स्पष्ट उत्तर मिला — “कोई प्रस्ताव नहीं है।”

डिजिटल कनेक्टिविटी पर भी निराशाजनक जवाब

विधायक लहरे ने यह भी मुद्दा उठाया कि सोनाखान जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट और डिजिटल कनेक्टिविटी की कमी के कारण छात्र तकनीकी शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या ऐसे क्षेत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र खोलने का प्रस्ताव है?

इस पर विभाग की ओर से उत्तर दिया गया — “जानकारी निरंक है।”

क्षेत्रीय उपेक्षा पर सवाल

सदन में जवाब मिलने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि जहां एक ओर सरकार प्रदेश स्तर पर योजनाओं की लंबी सूची गिना रही है, वहीं बिलाईगढ़ जैसे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र के लिए कोई ठोस प्रस्ताव या विशेष पहल नहीं है।

विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे ने कहा कि विज्ञान और डिजिटल साक्षरता आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को साइंस पार्क, डिजिटल लैब और मजबूत इंटरनेट सुविधा नहीं मिलेगी, तो वे प्रतिस्पर्धा की दौड़ में पीछे रह जाएंगे।

उन्होंने सरकार से मांग की कि बिलाईगढ़ और सोनाखान क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए साइंस पार्क, मिनी साइंस सेंटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र की स्थापना के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार किया जाए।

युवाओं के भविष्य का सवाल

बिलाईगढ़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विज्ञान और तकनीकी शिक्षा की ओर अग्रसर होना चाहते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी उनके मार्ग में बाधा बन रही है। ऐसे में सदन में उठाया गया यह प्रश्न केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है।

बजट सत्र के चौथे दिन उठे इन सवालों ने स्पष्ट कर दिया कि क्षेत्रीय विकास और डिजिटल समानता को लेकर अभी भी कई चुनौतियां शेष हैं। अब देखना होगा कि सरकार इन मुद्दों पर आगे क्या ठोस कदम उठाती है।

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