नई दिल्ली में मंगलवार को Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई। INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और SIR के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के मुद्दे को लेकर ‘Save Democracy March’ का ऐलान किया।विपक्षी सांसद संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग के मुख्यालय निर्वचन सदन की ओर मार्च करने के लिए जुटे। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद कई विपक्षी सांसद सड़क पर बैठ गए। चुनाव आयोग के आसपास सुरक्षा भी बढ़ाई गई थी।विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान देशभर में करीब 13 करोड़ नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए या हटाने के लिए चिह्नित किए गए। इस आंकड़े को लेकर राजनीतिक विवाद बना हुआ है। विपक्ष इन नामों की बहाली और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहा है।दूसरी ओर, SIR के समर्थकों का कहना है कि मतदाता सूची से मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और डुप्लीकेट जैसे नामों को हटाना जरूरी है। बीजेपी ने भी बड़ी संख्या में हटाए गए नामों में मृत मतदाताओं का आंकड़ा सामने रखा है।विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी सवाल उठाए हैं और उनके इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस समेत INDIA ब्लॉक के दल इस मुद्दे को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के इस मार्च में शामिल नहीं होने की बात कही है।फिलहाल SIR को लेकर चुनाव आयोग, विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ऐसे में मंगलवार का यह मार्च और उसके दौरान हुई पुलिस कार्रवाई राजनीतिक रूप से अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
इंडिया गठबंधन के से डेमोक्रेसी मार्च को पुलिस ने रोका सड़क पर ही धरने पर बैठे विपक्षी सांसद हंगामा जारी….






