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₹160/किलो पनीर बेचते रंगे हाथ पकड़ा, तो बोला डेयरी संचालक— ‘साहब, ये तो कुत्तों को खिलाने के लिए रखा था!

आंवला (बरेली):
खाद्य सुरक्षा विभाग की पिछली कार्यवाहियों से भी सबक न लेते हुए आंवला में मिलावटखोरी का काला कारोबार बदस्तूर जारी था। बाजार में जहां शुद्ध पनीर का भाव ₹380 से ₹400 प्रति किलो है, वहीं कस्बे की ‘जनता डेयरी’ पर मात्र ₹160 प्रति किलो में संदिग्ध पनीर खुलेआम खपाया जा रहा था। मीडिया पड़ताल के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने त्वरित एक्शन लेते हुए रिजवान और रईस की दोनों दुकानों पर एक साथ छापा मारा और बिक्री के लिए रखे पनीर के नमूने सील किए।
पुराना इतिहास, फिर भी नहीं थमा मिलावट का खेल
स्थानीय सूत्रों और विभागीय जानकारी के अनुसार, जनता डेयरी और इसके संचालकों के खिलाफ पहले भी घटिया व संदिग्ध खाद्य सामग्री बेचने को लेकर कानूनी कार्रवाई हो चुकी है। बावजूद इसके, भारी मुनाफे के लालच में दोनों भाइयों ने नियमों को ताक पर रखकर दोबारा वही खेल शुरू कर दिया।
मीडिया पड़ताल में खुला ₹160 का राज, अफसरों को दी सूचना
कस्बे में आधी से भी कम कीमत पर पनीर बिकने की खबर पर मीडिया टीम ने मौके पर जाकर पड़ताल की। टीम ने जब पनीर खरीदा, तो काउंटर से वाकई ₹160 प्रति किलो के भाव से पनीर तौलकर दिया गया। इसकी पुख्ता सूचना तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त राहुल सिंह को दी गई। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन सचल दल गठित कर मौके पर भेजा।
दो दुकानें, दो भाई: रिजवान और रईस का सिंडिकेट
जांच के दौरान साफ हुआ कि कस्बे में जनता डेयरी नाम से चल रही दोनों दुकानों का संचालन एक ही परिवार के दो सगे भाई कर रहे हैं। एक दुकान रिजवान की है और दूसरी उसका भाई रईस संभालता है। दोनों भाइयों ने सस्ता माल खपाने का बड़ा नेटवर्क तैयार कर रखा था।
सैंपल लेते ही संचालक बोला— ‘ये तो कुत्तों के लिए रखा है’
टीम के पहुंचते ही दुकानों पर हड़कंप मच गया। टीम जब काउंटर पर बिक रहे पनीर का नमूना भरने लगी, तो संचालक अंदर से दूसरा पनीर लाकर देने की जिद करने लगा और काउंटर वाले माल को न छूने की गुहार लगाई।
जब खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि “सैंपल उसी का लिया जाएगा जो ग्राहकों को बेचा जा रहा है,” तो संचालक पैंतरा बदलते हुए बोला— “यह पनीर खराब है, कुत्तों को खिलाने के लिए रखा था।” हालांकि, अधिकारियों की कड़ी पूछताछ के आगे उसने खुद मान लिया कि माल सब-स्टैंडर्ड/मिलावटी है, इसी वजह से इसे ₹160 की कम कीमत पर बेचा जा रहा था।
होटलों और शादी-समारोहों में क्विंटलों की सप्लाई
सस्ता होने के कारण दोनों भाइयों के प्रतिष्ठानों से रोजाना क्विंटलों संदिग्ध पनीर बरेली शहर समेत देहात के होटलों, ढाबों और शादी-ब्याह के आयोजनों में धड़ल्ले से खपाया जा रहा था। चंद रुपयों के फायदे के लिए लोगों के स्वास्थ्य से खुला खिलवाड़ किया जा रहा था।
लैब रिपोर्ट के बाद दर्ज होगा कड़ा मुकदमा
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके से बिक्री वाले पनीर के विधिक नमूने (Samples) विधिवत सील कर राजकीय लैब भेज दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चूंकि संचालकों का पूर्व में भी ऐसा रिकॉर्ड रहा है, लिहाजा लैब रिपोर्ट आते ही रिजवान और रईस के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत बेहद सख्त विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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