Home / News / ममता की मिसाल: आग की लपटों से बच्चों को बचाकर खुद नहीं बच सकी पार्वती मथुरा हादसे की दर्दनाक कहानी…

ममता की मिसाल: आग की लपटों से बच्चों को बचाकर खुद नहीं बच सकी पार्वती मथुरा हादसे की दर्दनाक कहानी…

मथुरा में हुए भीषण सड़क हादसे ने इंसानियत और मातृत्व की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। इस दर्दनाक हादसे में पार्वती नाम की एक मां ने अपने बच्चों को मौत के मुंह से खींच लिया, लेकिन खुद आग की लपटों में समा गई।

हादसा इतना भयानक था कि टक्कर के बाद वाहन में आग लग गई। अफरा-तफरी के बीच पार्वती ने हालात की परवाह किए बिना सबसे पहले अपने बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश की।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उसने टूटती उम्मीदों और जलती आग के बीच अपने दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर फेंक दिया, जिससे उनकी जान बच गई।लेकिन खुद बाहर निकलने से पहले आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं और लपटों के बीच पार्वती फंस गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

शव की हालत बेहद खराब, DNA जांच का सहाराहादसे के बाद जब राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा, तो कई शव इस कदर जल चुके थे कि पहचान करना संभव नहीं था। पार्वती का शव भी उन्हीं में शामिल है। प्रशासन ने बताया कि पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए परिजनों के सैंपल लिए जा रहे हैं।परिजन सदमे में, अस्पताल के बाहर इंतजारअस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजन बेसब्री से डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। बच्चों को बचाने वाली मां की कहानी सामने आते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। लोग पार्वती को “ममता की जीती-जागती मिसाल” बता रहे हैं।प्रशासन की कार्रवाईप्रशासन की ओर से हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार और अचानक लगी आग हादसे की वजह मानी जा रही है। घायलों का इलाज जारी है और मृतकों की सही संख्या डीएनए रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।मातृत्व की अमर कहानीयह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि उस मां की कहानी है जिसने अपनी जिंदगी से पहले अपने बच्चों की जिंदगी चुनी। पार्वती भले ही इस दुनिया में न रही हो, लेकिन उसका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

Tagged:
[post-views]
Share
Now