हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद सामने आया मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। कोर्ट ने आयुष को अपनी इच्छा के मुताबिक रहने की स्वतंत्रता दी थी, लेकिन इसके बाद भी वह अपने घर वापस नहीं लौटा। बेटे के घर नहीं लौटने से परेशान पिता ने अब दो लोगों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है।मामले की शुरुआत उस वक्त हुई जब आयुष ने अदालत का रुख किया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने उसकी इच्छा को ध्यान में रखते हुए उसे अपनी मर्जी से रहने की स्वतंत्रता दी। कोर्ट के इस आदेश के बाद यह उम्मीद थी कि मामला शांत हो जाएगा, लेकिन आयुष के घर वापस नहीं लौटने से परिवार की चिंता बढ़ गई।आयुष के पिता का आरोप है कि उनके बेटे को घर से दूर रखने में दो लोगों की भूमिका है। इसी आधार पर उन्होंने संबंधित थाने में दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।अब पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि आयुष फिलहाल कहां है, वह अपनी इच्छा से घर से बाहर है या किसी के प्रभाव में है और पिता की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।फिलहाल इस पूरे मामले में हाईकोर्ट के आदेश, आयुष के बयान और पुलिस जांच—तीनों पहलू अहम माने जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।





