भूखे और प्यास बच्चों की हालत
…. अल-अतश
उनकी मासूम आवाजें आसमान तक पहुंच रही थी ना पानी था ना खाना सिर्फ सब्र और आंसू थे
(रिपोर्ट-नेहाल अख्तर)
(Express news bharat)
(जिला संवाददता बलिया)
बलिया जनपद के रसड़ा में अंजुमन सज्जादिया व अजादाराने इमाम हुसैन रसड़ा कमेटी के तरफ से कर्बला में किये गए भूखे प्यासे शहीदों के नाम पर सबिले इमाम हुसैन चलाई गई। 1400 साल पहले इमाम हुसैन ने अपने मासूम बेटे अली असगर को गोद में लेकर यजीदी लश्कर के सामने पेश किया ताकि शायद कोई रहम खाकर पानी दे दे।लेकिन उन्हें क्या पता था की जवाब में तीर मिले गा। छः महीने मासूम बच्चे को शहीद कर दिया गया। मोहर्रम के 9 तारीख को जुमेरात को अंजुमन सज्जादिया व अजादाराने इमाम हुसैन रसड़ा कमेटी के तरफ पानी वितरण किया गया।इस मौके पर रसड़ा प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र बहादुर सिंह आदर्श नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विनयशंकर जयसवाल और अंजुमन सज्जादिया व अजादाराने इमाम हुसैन रसड़ा कमेटी सदस्य लोग मौजूद।








