वन विभाग, वन्यजीव विशेषज्ञों, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों और एडवेंचर प्रेमियों को मिलेगी विशेष सुविधाएं; स्थानीय महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को भी मिलेगा बाजार।
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में वन्यजीव संरक्षण, आधुनिक तकनीक और एडवेंचर गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल होने जा रही है। संरक्षण क्षेत्र के प्रमुख ब्रांड वनरक्षक (Vanrakshak) की ओर से 1 नवंबर 2026 को देहरादून में अपने विशेष स्टोर का शुभारंभ किया जाएगा। यह स्टोर वन्यजीव संरक्षण से जुड़े आधुनिक उपकरणों, वन प्रबंधन तकनीक और आउटडोर एडवेंचर उत्पादों के लिए एक विशेष केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
वनरक्षक, ए एंड एस क्रिएशंस का प्रमुख संरक्षण ब्रांड है। इस स्टोर के माध्यम से वन विभाग के अधिकारियों, वन्यजीव विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों और पर्यटन क्षेत्र के लोगों को आधुनिक उपकरण एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
आधुनिक तकनीक से लैस होंगे संरक्षण उपकरण
स्टोर में कैमरा ट्रैप, एआई आधारित निगरानी प्रणाली, ड्रोन, संचार उपकरण, जंगलों में आग से निपटने के समाधान, वन्यजीव निगरानी तकनीक और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने वाले विशेष उपकरण उपलब्ध होंगे। इन तकनीकों का उद्देश्य वन क्षेत्रों की निगरानी, वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने और संरक्षण संबंधी कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में सहयोग करना है।
ट्रेकिंग और एडवेंचर के शौकीनों के लिए भी खास इंतजाम
वन्यजीव संरक्षण उपकरणों के साथ स्टोर में जंगल सफारी, ट्रेकिंग, कैंपिंग और आउटडोर एक्सप्लोरेशन से संबंधित उत्पाद भी उपलब्ध होंगे। इनमें दूरबीन, स्पॉटिंग स्कोप, टॉर्च, विशेष आउटडोर कपड़े, ट्रेकिंग बूट्स, साइकिल, बैकपैक और अन्य एडवेंचर उपकरण शामिल हैं।

स्थानीय महिलाओं और कारीगरों को मिलेगा मंच
इस पहल की एक महत्वपूर्ण विशेषता स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर देना है। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG), महिला उद्यमियों, जनजातीय कारीगरों और स्थानीय उत्पाद निर्माताओं को अपने टिकाऊ एवं स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए मंच उपलब्ध कराने की योजना है। इससे स्थानीय उत्पादों को पर्यटकों, संस्थागत खरीदारों और व्यापक बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिल सकेगी।
मेक इन इंडिया और लोकल फॉर ग्लोबल पर जोर
यह पहल प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया और लोकल फॉर ग्लोबल के दृष्टिकोण से भी जुड़ी है। कंपनी का लक्ष्य भारतीय तकनीक, स्वदेशी उत्पादों और देश की वन संरक्षण आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक समाधान विकसित करना है, ताकि भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भी पहुंचाया जा सके।
वनरक्षक के संस्थापक सुमित सभरवाल के अनुसार, कंपनी का उद्देश्य वन संरक्षण तकनीक, आउटडोर गतिविधियों और सामुदायिक विकास को एक मंच पर लाना है। देहरादून में नया स्टोर उत्तराखंड के वन, वन्यजीव और एडवेंचर पर्यटन क्षेत्र से जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी प्रत्येक स्टोर को केवल व्यावसायिक केंद्र नहीं, बल्कि जागरूकता, नवाचार और सामुदायिक भागीदारी का केंद्र बनाना चाहती है।
देशभर में संरक्षण नेटवर्क विकसित करने की योजना
कंपनी की दीर्घकालिक योजना देश के टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभयारण्यों और प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों पर एकीकृत संरक्षण रिटेल नेटवर्क विकसित करने की है। इसके लिए वन विभागों, इको-टूरिज्म केंद्रों, स्मारिका दुकानों और स्थानीय उद्यमों के साथ साझेदारी की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।
गौरतलब है कि ए एंड एस क्रिएशंस की स्थापना वर्ष 2004 में अनीता सभरवाल और सुमित सभरवाल ने की थी। कंपनी पिछले दो दशकों से वन विभागों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ वन सुरक्षा, निगरानी और विशेष फील्ड उपकरणों के क्षेत्र में कार्य कर रही है।





