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हाथरस केस में अब तक का बड़ा खुलासा- पीड़िता के पास ही मौका-ए-वारदात पर मौजूद थे मां और भाई- चश्मदीद का दावा…..

  • हाथरस केस में अब तक का बड़ा खुलासा :
  • मौके पर मौजूद चश्मदीद का दावा…
  • लड़की चीख रही थी…पास में खड़े थे मां-भाई

पूरे देश में गुस्सा भर देने वाले हाथरस कांड में रोज कुछ नया सामने आ रहा है. इस केस में अब तक आपने कई लोगों के बयान सुने होंगे. लेकिन हम आपको पहली बार उस शख्स का बयान बताने जा रहे हैं, जिसका दावा है कि वो सबसे पहले मौका-ए-वारदात पर पहुंचा था. या आप कह सकते हैं कि वो घटना के वक्त मौका-ए-वारदात से चंद कदमों की दूरी पर ही मौजूद था.

हाथरस: (Hathras case) को महीने हो चुके हैं. लेकिन अभी तक इस मामले की असल सच्चाई सामने नहीं आई है. हर दिन इस केस में एक नया खुलासा जरूर हो रहा है. अब तक इस मामले में कई लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं, और कई लोगों ने खुद इस मसले की कहानी अपनी जुबानी सुनाई है. लेकिन ये पहली बार है जब इस केस के चश्मदीद ने पूरे मामले से पर्दा हटाया है. इस शख्स की ओर से दावा किया गया है कि, पीड़िता की आवाज सुनने पर सबसे पहले मौका-ए-वारदात पर वही पहुंचा था. यानी कि घटना के समय ये व्यक्ति वहीं मौका-ए-वारदात की कुछ दूरी पर ही मौजूद था.

दरअसल जिस चश्मदीद के बारे में हम बात कर रहे हैं वो विक्रम सिंह हैं. जिनके खेत में पीड़िता गंभीर हालत में मिली थी. विक्रम सिंह ने अपने बयान के जरिए इस बात का दावा किया है कि, वो सुबह के वक्त अपने खेत में चारा काट रहा था. तभी उसी दौरान उसने लड़की की चीखे सुनी, पीड़िता की आवाज सुनने के बाद विक्रम उसकी तरफ दौड़ा था. जी हां विक्रम ने बयान में कबूल किया है कि 14 सितंबर को वो अपने खेत में ही था, और लड़की की चीखने की आवाज भी सुनी थी.

इस मामले के बारे में विक्रम का कहना है कि, जिस समय वो वारदात की जगह पहुंचे वहां खेत में लड़की जमीन पर ही अकेले पड़ी हुई थी. यहां तक कि पीड़िता की मां और उसका बड़ा भाई वहीं मौजूद थे. विक्रम ने कहा कि वो ये सब देखकर घबरा गया था. क्योंकि लड़की के गले पर चोट के काफी निशान थे. इसके बाद वो वहां से भागा और लवकुश उसकी मां को ये पूरी घटना बताने उनके पास खेत में गया और उनसे पीड़िता के पास चलने को कहा.

इसके बाद विक्रम ने आगे बताया कि, जब वो वापस वारदात वाली जगह पहुंचा तो पीड़िता का भाई वहां से गायब था. यहां तक कि लड़की भी खेत में ही पड़ी थी और वहां सिर्फ उसकी मां की ही मौजूदगी थी. विक्रम का कहना है कि, पीड़िता की मां ने मुझसे कहा कि मेरे बेटे को घर से बुलाकर ले आओ. इसके बाद जब मैं लड़की के घर गया और उसके भाई से कहा कि, अपनी बहन के पास चलो उसकी हालत बहुत ज्यादा खराब है. तो उसने (भाई) कहा कि “जब 5 से 6 लोग आ जाएंगे तभी मैं वहां पर आऊंगा.” इतना ही नहीं विक्रम ने बताया कि लड़की के भाई की बात सुनने के बाद वो अपने घर आया और सभी लोगों को इस घटना के बारे में जानकारी दी. इसके बाद गांव में भीड़ इकट्ठा हुई और सभी मौका-ए-वारदात पर पहुंचे. फिलहाल इस केस में कहानी कौन सा यू-टर्न लेगी, इस बारे में कुछ भी कह पाना मुश्किल है. क्योंकि अब इस पूरे केस को सीबीआई की टीम हैंडल कर रही है.

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