Home / News / रामपुर में सरकारी जमीन की कथित बंदरबांट! निजी बताकर शासकीय भूमि के प्लॉट बेचने का आरोप, तहसीलदार न्यायालय पहुंचा मामला

रामपुर में सरकारी जमीन की कथित बंदरबांट! निजी बताकर शासकीय भूमि के प्लॉट बेचने का आरोप, तहसीलदार न्यायालय पहुंचा मामला

48.469 हेक्टेयर शासकीय भूमि को लेकर उठे सवाल, प्लॉट बिक्री और कब्जे की होगी राजस्व जांच

कोरबा/करतला। कोरबा जिले के करतला तहसील अंतर्गत ग्राम रामपुर में शासकीय भूमि को कथित तौर पर निजी बताकर प्लॉटों की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि निजी भूमि के खसरा नंबर की आड़ में सरकारी जमीन पर प्लॉट काटकर अलग-अलग लोगों को विक्रय किया गया तथा खरीदारों को मौके पर कब्जा भी सौंप दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब यह प्रकरण तहसीलदार करतला के न्यायालय तक पहुंच गया है, जहां राजस्व विभाग को जांच के निर्देश दिए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला ग्राम रामपुर स्थित खसरा नंबर 750/1 की लगभग 48.469 हेक्टेयर शासकीय भूमि तथा खसरा नंबर 53/4 की 3 एकड़ निजी भूमि से जुड़ा हुआ है। आवेदक मोहम्मद इब्राहिम फारुकी, पिता मोहम्मद वसीम फारुकी ने तहसीलदार करतला के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर भूमि की बिक्री और कथित अवैध कब्जे को लेकर शिकायत दर्ज कराई है।

आवेदन में प्रथम अनावेदक अवध बिहारी दीक्षित, पिता नारायण प्रसाद दीक्षित पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपनी निजी भूमि खसरा नंबर 53/4 का हवाला देकर शासकीय भूमि खसरा नंबर 750/1 को निजी भूमि बताने का प्रयास किया। शिकायत के मुताबिक, प्लॉट क्रमांक 02 से 13 तक अलग-अलग तिथियों में विभिन्न लोगों के पक्ष में विक्रय विलेख निष्पादित किए गए। आरोप यह भी है कि इन प्लॉटों के खरीदारों को शासकीय भूमि पर कब्जा सौंप दिया गया और इसके बाद वहां मकानों का निर्माण भी तेजी से होने लगा।

डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर हैं दोनों खसरा नंबर

आवेदक ने अपने आवेदन में दावा किया है कि खसरा नंबर 53/4 की निजी भूमि और खसरा नंबर 750/1 की शासकीय भूमि के बीच लगभग डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी है। इसके बावजूद निजी भूमि के दस्तावेजों की आड़ में सरकारी जमीन की बिक्री किए जाने का आरोप लगाया गया है। यदि जांच में शिकायत के तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह मामला राजस्व अभिलेखों, भूमि की पहचान, सीमांकन और पंजीकृत विक्रय विलेखों की जांच से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।

तहसीलदार न्यायालय ने जारी किया नोटिस

प्रकरण क्रमांक 2026/1005/100007/7/1 के तहत तहसीलदार करतला के न्यायालय में कार्रवाई प्रारंभ की गई है। 23 अक्टूबर 2026 को प्रस्तुत आवेदन के बाद न्यायालय ने प्रकरण दर्ज करते हुए अनावेदक पक्ष को नोटिस जारी करने तथा संबंधित राजस्व निरीक्षक और पटवारी से स्पष्ट जांच प्रतिवेदन प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।

जांच रिपोर्ट से खुलेगा जमीन का राज

अब इस पूरे मामले में राजस्व विभाग की जांच रिपोर्ट पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जिन प्लॉटों की रजिस्ट्री कराई गई है, वे वास्तव में किस खसरा नंबर की भूमि पर स्थित हैं? क्या पंजीकृत दस्तावेजों में दर्ज भूमि और मौके पर कब्जा दिलाई गई जमीन एक ही है? क्या शासकीय भूमि का सीमांकन कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी?

यदि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और गलत तरीके से प्लॉट बिक्री की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई और सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने का रास्ता खुल सकता है।

फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। अनावेदक पक्ष का जवाब, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी की जांच रिपोर्ट तथा न्यायालय की आगामी सुनवाई इस पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होगी।
अशोक कुमार श्रीवास की खास रिपोर्ट बिलासपुर संभाग हेड

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[post-views]
Share
Now