बरेली। उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन Cy-वज्र के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बरेली पुलिस को लगातार छठे दिन बड़ी सफलता मिली है। साइबर सेल, साइबर थाना, एसओजी और जनपद के विभिन्न थानों की संयुक्त कार्रवाई में 29 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से ₹26.49 लाख नकद, 47 मोबाइल फोन, 2 एटीएम कार्ड, 3 फर्जी आधार कार्ड, एक पेटीएम स्कैनर सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं बैंकिंग उपकरण बरामद किए गए।
पूरे अभियान के दौरान अब तक 23 थानों में 41 एफआईआर दर्ज कर 58 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर 150 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज हैं तथा एक दर्जन से अधिक राज्यों में करीब ₹1.67 करोड़ की साइबर ठगी की पुष्टि हुई है।
सबसे बड़ी कार्रवाई थाना साइबर क्राइम पुलिस ने की, जिसने झारखंड के संगठित गैंग के चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर 31 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए। जांच में सामने आया कि यह गिरोह भीड़भाड़ वाले बाजारों से मोबाइल चोरी कर उनका डेटा झारखंड में बैठे साइबर ठगों तक पहुंचाता था, जहां से बैंक खातों से ऑनलाइन ठगी की जाती थी। पुलिस ने पीड़ित के खाते से निकाली गई राशि में से ₹1.10 लाख से अधिक की रकम होल्ड भी कराई।
वहीं थाना किला पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹26.49 लाख नकद, सात मोबाइल फोन, चेकबुक, डेबिट कार्ड, बैंक पासबुक, क्रिप्टो कोड पर्चियां और अन्य दस्तावेज बरामद किए। पूछताछ में आरोपियों ने भोले-भाले लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर साइबर ठगी और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए अवैध लेनदेन करने की बात स्वीकार की।
इसके अलावा प्रेमनगर, कैंट, सुभाषनगर, सीबीगंज, बहेड़ी, भुता, शाही, अलीगंज, आंवला, देवरनियां और कोतवाली समेत कई थानों की पुलिस ने भी अलग-अलग मामलों में साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार अधिकांश आरोपी ऑनलाइन ट्रेडिंग, फर्जी लिंक, ओटीपी और बैंक खातों का दुरुपयोग कर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों से साइबर ठगी करते थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाया जा रहा यह अभियान साइबर अपराध के खिलाफ लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश और नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई भी जारी है।






