अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
बिरदा// जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद 12 वर्षीय परी महंत की सकुशल घर वापसी ने ग्राम बिरदा सहित आसपास के गांवों में खुशियों की लहर दौड़ा दी। जिस बच्ची की जिंदगी को लेकर पूरा परिवार, रिश्तेदार और ग्रामीण चिंतित थे, उसे स्वस्थ देखकर हर किसी के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। परी के स्वागत के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा। ग्राम बिरदा के साथ आसपास के गांवों से भी सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे और बच्ची का आत्मीय स्वागत कर उसके स्वस्थ जीवन की कामना की। यह अवसर केवल एक बच्ची की घर वापसी का नहीं, बल्कि पूरे गांव की एकजुटता, अपनापन और सामूहिक खुशी का प्रतीक बन गया।
पूरे गांव ने मिलकर मनाई खुशी, जनपद सदस्य फुलचंद कश्यप और सरपंच शकुंतला कंवर की रही विशेष भूमिका
परी महंत के स्वागत समारोह में क्षेत्र के जनपद सदस्य श्री फुलचंद कश्यप, ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती शकुंतला कंवर और समस्त ग्रामवासियों की विशेष भागीदारी रही। स्वागत के लिए पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने परी के स्वस्थ होकर लौटने पर खुशी जाहिर की। गांव के लोगों ने इस कठिन समय में परिवार के प्रति अपना स्नेह और सहयोग प्रदर्शित किया।
जनपद सदस्य श्री फुलचंद कश्यप ने संकट की घड़ी में परी के परिजनों को जिला मेडिकल कॉलेज में तत्काल उपचार कराने की जानकारी देकर उचित चिकित्सा सुविधा लेने के लिए मार्गदर्शन दिया। परी के स्वस्थ होकर घर लौटने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और इसे पूरे क्षेत्र के लिए राहत भरा क्षण बताया।
वहीं, सरपंच श्रीमती शकुंतला कंवर ने परी की सकुशल वापसी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बच्ची का स्वस्थ होकर घर लौटना पूरे गांव के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है। ग्रामीणों ने भी एक स्वर में परी के उज्ज्वल भविष्य और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
रात 2 बजे बिस्तर पर चढ़ गया जहरीला कॉमन करैत, चार बार डसने से बिगड़ी थी हालत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बिरदा निवासी दीपक महंत की 12 वर्षीय पुत्री परी महंत रात में अपने बिस्तर पर सो रही थी। इसी दौरान रात करीब 2 बजे जहरीला कॉमन करैत सांप उसके बिस्तर पर चढ़ गया और उसे चार बार डस लिया। अचानक हुई इस घटना से परिवार में हड़कंप मच गया। बच्ची की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी में जुट गए।
इस दौरान जनपद सदस्य फुलचंद कश्यप ने परिजनों को जिला मेडिकल कॉलेज में तत्काल उपचार कराने की जानकारी दी। इसके बाद परी को अस्पताल पहुंचाया गया। सर्पदंश के कारण उसकी स्थिति गंभीर हो गई थी और परिवार के लोग बेहद चिंतित थे। चिकित्सकों के उपचार के बाद परी की हालत में सुधार हुआ और वह स्वस्थ होकर अपने घर लौट आई।
परी की घर वापसी पर भावुक हुए ग्रामीण, सैकड़ों लोगों की मौजूदगी बनी यादगार
परी के स्वस्थ होने की खबर मिलते ही ग्राम बिरदा में खुशी का माहौल बन गया। स्वागत के लिए पहुंचे ग्रामीणों की बड़ी संख्या ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। गांव के लोगों ने परी की सकुशल वापसी को अपने परिवार की खुशी की तरह मनाया। आसपास के गांवों से पहुंचे लोगों ने भी बच्ची और उसके परिजनों के प्रति अपनी आत्मीयता व्यक्त की।
इस अवसर पर जनपद सदस्य फुलचंद कश्यप ने कहा कि परी को स्वस्थ देखकर बेहद खुशी हो रही है। सांप के डसने के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई थी, लेकिन चिकित्सकों के उपचार और सभी की प्रार्थनाओं के बीच आज वह स्वस्थ होकर घर लौट आई है। यह पूरे गांव और क्षेत्र के लिए खुशी का पल है।
सरपंच शकुंतला कंवर ने भी कहा कि परी की सकुशल वापसी पूरे ग्राम के लिए खुशी की बात है। ग्रामीणों की उपस्थिति और उनके स्नेह ने इस खुशी को और विशेष बना दिया।
अशोक राजवाड़े ने दी महत्वपूर्ण सलाह, सांप काटने पर तत्काल अस्पताल जाने की अपील
कार्यक्रम के दौरान श्री अशोक राजवाड़े ने ग्रामीणों से अपील की कि सांप के काटने पर झाड़-फूंक, बैगा या जड़ी-बूटी के चक्कर में समय बर्बाद न करें। पीड़ित को तुरंत अस्पताल पहुंचाएं और चिकित्सकीय उपचार दिलाएं। सर्पदंश की स्थिति में देरी जानलेवा हो सकती है। वहीं, ग्राम के श्री ललित मोहन राजवाड़े ने भी परी के स्वस्थ होकर घर लौटने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
एक बच्ची की खुशी में एकजुट हुआ पूरा गांव
परी महंत की सकुशल वापसी ने ग्राम बिरदा में मानवीय संवेदना, आपसी भाईचारे और सामाजिक एकजुटता की सुंदर तस्वीर पेश की। जनपद सदस्य फुलचंद कश्यप की पहल, सरपंच शकुंतला कंवर की प्रसन्नता और समस्त ग्रामवासियों के स्नेह के बीच आयोजित स्वागत समारोह ने यह संदेश दिया कि संकट के समय पूरा समाज एक परिवार की तरह साथ खड़ा हो सकता है।
मौत को मात देकर लौटी परी के स्वागत में उमड़े सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी इस बात की गवाह बनी कि एक बेटी की खुशी पूरे गांव की खुशी होती है। बिरदा में आज केवल परी का स्वागत नहीं हुआ, बल्कि जिंदगी की जीत, उम्मीद की वापसी और गांव की एकजुटता का उत्सव मनाया गया।








