ढाका/राजशाही। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने दुर्गा पूजा के अवसर पर हिंदू समुदाय के लोगों से मुलाकात कर धार्मिक सौहार्द और समान अधिकारों का संदेश दिया। मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री राजशाही स्थित ऐतिहासिक राधा गोबिंद धर्मसभा मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने पूजा पंडाल में मौजूद लोगों से बातचीत की और सभी धर्मों के नागरिकों को समान अधिकार दिए जाने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने मंदिर प्रबंधन को 10 लाख बांग्लादेशी टका का चेक भी सौंपा। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया और स्मृति चिह्न भेंट किया। इस दौरान हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों ने पूजा आयोजनों के लिए सहायता कोष बनाने और मंदिरों के निर्माण एवं विकास से जुड़े मुद्दे भी उठाए। ‘सभी धर्मों के लोगों को मिले समान अधिकार’
मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तारिक रहमान ने कहा कि बांग्लादेश में रहने वाले हर नागरिक को धर्म, जातीय पहचान, पेशे या सामाजिक पृष्ठभूमि से परे समान अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान और कानून के तहत प्रत्येक नागरिक राज्य की ओर से मिलने वाली सुविधाओं और अवसरों का समान रूप से हकदार है।
प्रधानमंत्री ने देश के विकास के लिए सभी समुदायों से मिलकर काम करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को आगे ले जाने के लिए समाज के किसी भी वर्ग को पीछे नहीं छोड़ा जा सकता। उनके मुताबिक, सभी धर्मों के लोगों का सहयोग देश के बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए जरूरी है।
दुर्गा पूजा के मौके पर हिंदू समुदाय से मुलाकात
तारिक रहमान ने दुर्गा पूजा के अवसर पर हिंदू समुदाय के लोगों को शुभकामनाएं दीं। मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उनकी मांगों को सुना। यह दौरा धार्मिक सद्भाव और सभी समुदायों की भागीदारी के जरिए देश के विकास पर सरकार के संदेश के रूप में सामने आया।
प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और समान अधिकारों को लेकर चर्चा जारी है। ऐसे में तारिक रहमान का बयान और मंदिर को दिया गया आर्थिक सहयोग खास महत्व रखता है। हालांकि, इस दौरे के दीर्घकालिक प्रभाव का आकलन सरकार की नीतियों और उनके क्रियान्वयन के आधार पर किया जाएगा।
कुल मिलाकर, मंदिर पहुंचकर 10 लाख टका का दान देने और सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार देने की बात कहने के साथ तारिक रहमान ने धार्मिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।





