October 20, 2021

Express News Bharat

ज़िद !! सच दिखने की

ममता बनर्जी के लिए उपचुनाव जीतना है जरूरी, वर्ना जा सकती है CM की कुर्सी: जाने अहम बातें….

पश्चिम बंगाल की तीन विधान सभा सीटों पर हुए उप चुनाव में वोटों की गिनती शुरू हो गई है. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दक्षिण कोलकाता के भबानीपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार हैं. राज्य का मुख्यमंत्री बने रहने के लिए ममता बनर्जी को यह चुनाव जीतना जरूरी है. इस साल की शुरुआत में राज्य में हुए चुनावों में उन्होंने नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा थी लेकिन बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें हरा दिया था.

1.मुख्यमंत्री को उपचुनाव इसलिए लड़ना पड़ा क्योंकि इस साल मार्च-अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में अपनी ही पार्टी की जबरदस्त जीत के बावजूद वह नंदीग्राम से नहीं जीत सकीं. भाजपा ने अपने रंगरूट शुभेंदु अधिकारी के जरिए ममता बनर्जी को नंदीग्राम में कड़ी टक्कर दी, जो पहले मुख्यमंत्री के विश्वासपात्र थे लेकिन विधान सभा चुनावों से पहले उनके सियासी दुश्मन बन गए थे.

2.तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया है कि पार्टी प्रमुख भवानीपुर उप चुनाव में 50,000 से अधिक मतों के अंतर से जीतेंगी. उधर, बीजेपी, जिसने 41 वर्षीय प्रियंका टिबरेवाल को मैदान में उतारा, ने दावा किया कि उन्होंने “बहुत अच्छी टक्कर” दी है.

3.वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हो गई है और शुरुआती रुझान एक घंटे में आने की उम्मीद है. भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में 21 राउंड की मतगणना होगी.

4.मतगणना केंद्रों पर चुनाव आयोग ने त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है. इसके लिए केंद्रीय बलों की 24 कंपनियों को बुलाया गया है और उन्हें पहले ही मतगणना केंद्र पर तैनात कर दिया गया है.

5.चुनाव आयोग के अधिकारी ने कहा कि गुरुवार को हुए मतदान में भबानीपुर सीट पर 57 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ. इस निर्वाचन क्षेत्र में तीन लाख से अधिक मतदाता थे.

6.ममता बनर्जी को इस कार्यकाल में मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले छह महीने समाप्त होने से पहले राज्य विधानसभा में प्रवेश करने के लिए यह चुनाव जीतना होगा.

7.भवानीपुर में उपचुनाव ममता बनर्जी की पार्टी के नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय के इस्तीफे के बाद कराया गया है, जिन्होंने मुख्यमंत्री के लिए रास्ता बनाने के लिए इस्तीफा दिया था.

8.इस चुनाव में भाजपा ने मुख्यमंत्री को हराने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.  कई लोगों का मानना ​​​​है कि चुनाव में जीत ममता के लिए आसान नहीं हो सकती है, भले ही वह वहां रहती हों – उनका कालीघाट निवास इसी निर्वाचन क्षेत्र में स्थित है. उन्होंने 2011 और 2016 में दो बार इस सीट से जीत दर्ज की है.

9.भाजपा उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल भी लंबे समय से उसी मोहल्ले में रह रही हैं. हालांकि वह हाल के विधानसभा चुनाव और 2015 के नगरपालिका चुनावों में भी हार गई थीं. कलकत्ता उच्च न्यायालय में वकालत करने वाली टिबरेवाल राज्य सरकार के खिलाफ चुनाव बाद हिंसा मामले में याचिकाकर्ताओं में से एक होने के नाते हाई प्रोफाइल बन चुकी हैं.

10.भवानीपुर के अलावा, दो अन्य निर्वाचन क्षेत्रों – मुर्शिदाबाद के समशेरगंज और जंगीपुर सीटों पर भी आज वोटों की गिनती हो रही है, जिनमें क्रमशः 79.92 प्रतिशत और 77.63 प्रतिशत मतदान हुआ था. इन जगहों पर दो उम्मीदवारों की मौत के बाद मार्च-अप्रैल में चुनाव रद्द कर दिया गया था.

Share
Now