अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
कोरबा//कोरबा के एक व्यवसायी सहित तीन लोगों की एक कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के तार भले ही तंत्र-मंत्र से जोड़े जा रहे हैं, लेकिन इस पर एक बारगी जल्द ही किसी को विश्वास भी नहीं हो रहा। शहर सहित जिला और दूसरे जिलों में जो उक्त व्यवसायी को करीब से जानते हैं, वह इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि वह किसी ऐसे तंत्र-मंत्र के जाल में उलझा होगा ? हालांकि, उसमें यह जानने की जिज्ञासा जरूर रहती थी कि क्या ऐसा कुछ होता भी है। घटनाक्रम में किसी साजिश की आशंका से इंकार नहीं किया जा रहा, लेकिन जब तक सारे तथ्य और घटना से जुड़ी कड़ियां एक सूत्र में पिरोए नहीं जाएंगे, तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
पुलिस इस मामले में तहकीकात कर रही है। इसी कड़ी में बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला भी कोरबा प्रवास पर आए और उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण किया। जांच के संबंध में कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी से जानकारी लेते हुए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिए।कोरबा-चांपा मार्ग से लगे बरबसपुर में कुदरी स्थित एक फार्म हाउस के कमरे में बुधवार की शाम से लेकर रात 10 बजे तक ऐसा क्या हुआ कि एक-एक कर तीन लोगों की मौत हो गई। घटनाक्रम सुनने और समझने में सीधा-सीधा लग रहा है लेकिन यकीन से फिलहाल दूर है।
शाम लगभग 7 बजे बाहर बैठे लोग कमरे में घुसे तो वहां तीनों बेहोशी की हालत में नजर आए। बैगा से सवाल करने पर कहा कि इनकी तबीयत खराब हो गई है तो तत्काल अस्पताल ले जाया जाए लेकिन अस्पताल ले जाते जाते रात 10 बजा दिया गया। तब तक काफी देर हो चुकी थी। आनन-फानन में बेहोश पड़े तीनों लोगों को कोरबा के अस्पताल लाया गया। मृत हालत में यह तीनों यहां लाए गए थे जिन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रात लगभग 12 बजे पुलिस को।अस्पताल से 3 मौतों की खबर पता चलते ही अधिकारी हरकत में आये।
जनमानस की चर्चाओं में इस बात की भी आशंका और संभावना जताई जा रही है कि हो ना हो यह किसी अनजान साजिश का हिस्सा था। इन्हें पीने के लिए कोई पदार्थ दिया गया था जिसका सेवन बैगा ने नहीं किया, इसलिए वह सुरक्षित बचा रहा जबकि सेवन करने वाले तीनों लोग बेहोश होकर मृत्यु को प्राप्त हो गए। घटनाक्रम से जुड़ी कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। आपसी रंजिश को भी जांच का एंगल बनाया गया है। बहरहाल इस पूरे घटनाक्रम के रहस्य से पर्दा उठने का इंतजार न सिर्फ मृतक के परिजनों को है, बल्कि शहर और जिलावासी भी जानना चाह रहे हैं कि आखिर उस कमरे में ऐसा क्या हुआ था कि इन तीनों को एक साथ जान से हाथ धोना पड़ा।
3 मौतों की जांच करने पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला पहुंचे घटनास्थल






