मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ईरान ने संकेत दिया है कि अगर अमेरिका उसकी शर्तें मान लेता है, तो महज दो दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सकता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस संबंध में कतर के जरिए चल रही बातचीत की जानकारी दी है।
दरअसल, ईरान ने अमेरिका के सामने कई अहम शर्तें रखी हैं। इनमें ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना, क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य मौजूदगी कम करना, ईरान के तेल निर्यात से जुड़ी छूट बहाल करना और विदेशों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को जारी करना शामिल है। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान और ओमान के बीच प्रस्तावित समुद्री मार्ग को मान्यता देने की मांग भी रखी गई है।
अब्बास अराघची के मुताबिक, कतर की मध्यस्थता से इस प्रस्ताव को सात दिनों से घटाकर दो दिनों में लागू करने की योजना पर सहमति बनी है। प्रस्ताव के तहत पहले दिन अमेरिका को अपनी ओर से जरूरी कदम उठाने होंगे, जबकि दूसरे दिन होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलकर जहाजों की आवाजाही बहाल की जा सकती है।
हालांकि, अराघची ने साफ किया है कि अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। बातचीत का नतीजा अमेरिका के जवाब पर निर्भर करेगा। ऐसे में पूरी दुनिया की नजरें वॉशिंगटन और तेहरान के अगले कदम पर टिकी हैं, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल और गैस की आवाजाही वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है।





